कॉफी छोड़कर ग्रीन टी पी रहे हैं? पहले जान लीजिए इसमें क्या होता है और शरीर पर कैसे डालती है असर
नई दिल्ली: सेहत के प्रति जागरूक लोगों के बीच ग्रीन टी का चलन तेजी से बढ़ा है। कई लोग अब सुबह की शुरुआत कॉफी की जगह ग्रीन टी से कर रहे हैं। इसकी बड़ी वजह इसे स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प माना जाना है। हालांकि, बहुत से लोग ग्रीन टी तो पीते हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि इसमें कौन-कौन से तत्व मौजूद होते हैं और यह शरीर पर किस तरह असर डालती है।
ग्रीन टी में कौन-कौन से तत्व पाए जाते हैं?
ग्रीन टी मुख्य रूप से कैमेलिया साइनेंसिस पौधे की पत्तियों से तैयार की जाती है। इसमें कैटेचिन्स नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें कैफीन भी मौजूद होता है, लेकिन इसकी मात्रा कॉफी की तुलना में काफी कम होती है। ग्रीन टी में पॉलीफेनॉल्स भी पाए जाते हैं, जिन्हें तनाव से बचाव में सहायक माना जाता है। वहीं, एल-थीनिन नामक अमीनो एसिड मानसिक एकाग्रता और फोकस बढ़ाने में मदद करता है।
दिल की सेहत के लिए मानी जाती है फायदेमंद
ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स रक्त वाहिकाओं के लिए लाभकारी माने जाते हैं। नियमित सेवन से रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है, जिससे हृदय स्वास्थ्य को भी फायदा पहुंचता है।
वजन नियंत्रित रखने में कर सकती है मदद
ग्रीन टी को वजन नियंत्रित रखने में सहायक माना जाता है। इसमें मौजूद तत्व शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। बेहतर मेटाबॉलिज्म से शरीर कैलोरी को अधिक प्रभावी ढंग से खर्च करता है, जिससे वजन नियंत्रण में रखने में सहायता मिल सकती है।
मेटाबॉलिज्म और ब्लड सर्कुलेशन पर भी पड़ता है असर
ग्रीन टी शरीर के ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में सहायक मानी जाती है। इसके साथ ही यह रक्त संचार को बेहतर करने में भी मदद कर सकती है। बेहतर ब्लड सर्कुलेशन से मांसपेशियों तक पर्याप्त रक्त पहुंचता है, जिससे उनकी कार्यक्षमता बेहतर बनी रहती है।
बैड कोलेस्ट्रॉल कम करने में भी हो सकती है सहायक
ग्रीन टी के नियमित सेवन से एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है। इससे हृदय पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और लंबे समय तक हृदय की कार्यक्षमता बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
