देशभर में मानसून का प्रचंड असर, 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; असम में बाढ़ से 31 मौतें, उत्तर भारत में हालात गंभीर
नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून का असर लगातार तेज बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 22 जुलाई के लिए 15 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी और तटीय क्षेत्रों तक मूसलाधार बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, असम में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ रहा है, जहां पिछले 24 घंटों में 21 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही राज्य में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 31 हो गई है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की बोह घाटी में तेज बारिश के कारण करीब छह मकान बह गए हैं। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। प्रशासन ने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
असम समेत पूर्वोत्तर में बाढ़ का संकट गहराया
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बाढ़ के कारण 21 लोगों की जान गई है और मृतकों की कुल संख्या 31 पहुंच चुकी है। पूर्वोत्तर के असम, मेघालय, नागालैंड और मणिपुर में लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
वहीं, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण भारत के कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
जम्मू-कश्मीर में तीसरे दिन भी बारिश का कहर
जम्मू-कश्मीर में लगातार तीसरे दिन भी मूसलाधार बारिश, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से हालात गंभीर बने हुए हैं। राजौरी और पुंछ जिलों में बाढ़ और उससे जुड़े हादसों में कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
भारी बारिश के कारण बिजली के टावर बह जाने से पुंछ और राजौरी में बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने 26 जुलाई तक सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने का फैसला लिया है। साथ ही अमरनाथ यात्रा सहित प्रमुख धार्मिक यात्राओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। स्थिति पर केंद्रीय गृह मंत्रालय, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री स्तर से लगातार निगरानी की जा रही है।
अगले दो दिनों तक राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक भी कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके मद्देनजर विभिन्न राज्यों में कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं और लोगों को निचले तथा संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
राजौरी में राहत एवं बचाव अभियान के तहत करीब 230 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है, जहां लगभग 450 लोग ठहरे हुए हैं। क्षतिग्रस्त 435 सड़कों में से 356 को बहाल कर दिया गया है, जबकि बिजली और जलापूर्ति बहाल करने का कार्य जारी है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में भी तेज बारिश की संभावना
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में बुधवार को अच्छी बारिश होने का अनुमान है। दिल्ली-एनसीआर में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ बारिश हो सकती है।
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मध्य और पश्चिम भारत में भी बारिश का दौर जारी
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान में व्यापक बारिश और पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। गुजरात, कोंकण और गोवा के लिए भी मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग की लोगों से अपील
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भारी बारिश प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। यात्रियों को बाढ़ प्रभावित और भूस्खलन संभावित मार्गों से बचने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
