मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ पर बेंगलुरु में जीरो एफआईआर, उत्तराखंड बीजेपी नेताओं पर दर्ज हुआ केस
बेंगलुरु: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की उत्तराखंड में हुई रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ के मामले में बेंगलुरु पुलिस ने उत्तराखंड बीजेपी के कई नेताओं और पदाधिकारियों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की है। यह मामला कांग्रेस के अनुसूचित जनजाति विभाग के पूर्व उपाध्यक्ष टी.आर. रामप्पा की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई थी सभा
शिकायत के मुताबिक मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 अगस्त को उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया था। आरोप है कि इसके दो दिन बाद 10 अगस्त को स्थानीय बीजेपी पदाधिकारियों ने उसी मैदान में कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ के लिए अनुष्ठान किया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह कार्रवाई जानबूझकर जातिवादी सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई। उनका दावा है कि इस अनुष्ठान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी के कारण मैदान ‘अपवित्र’ हो गया था।
उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का भी नाम
शिकायत में उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का नाम भी शामिल है। आरोप लगाया गया है कि उन्होंने मीडिया के सामने दिए गए बयानों में कथित अनुष्ठान का बचाव और समर्थन किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, इससे कथित भेदभावपूर्ण व्यवहार को सार्वजनिक समर्थन मिलने का संदेश गया।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुई जीरो एफआईआर
विधान सौधा पुलिस ने नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 की धारा 7(1)(c), 7(1)(d) और 7(1), अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(u) तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 196(1)(b) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक 31 अगस्त को लिखित शिकायत मिलने के बाद कानूनी राय ली गई और इसके आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज की गई। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
राहुल गांधी भी उठा चुके हैं शुद्धिकरण का मुद्दा
इससे पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तराखंड में मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया था। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि समाज में दलितों को हर कदम पर भेदभाव का सामना करना पड़ता है।
