E-20 विवाद के बीच सरकार के साथ खड़े हुए किसान, शिवराज बोले- खेत से निकला एथेनॉल ही देश की ऊर्जा का भविष्य

00000000000-4 (1)

नई दिल्ली: देश में ई-20 और एथेनॉल को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच केंद्र सरकार को किसानों का खुला समर्थन मिला है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (AIKCC) के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर एथेनॉल कार्यक्रम का समर्थन किया। किसान नेताओं ने कहा कि एथेनॉल किसानों की आय बढ़ाने के साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती देगा। बैठक में यह भी कहा गया कि “पेट्रोल नहीं, खेत से निकला एथेनॉल देश का भविष्य है।”

मंगलवार को जहां आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 के विरोध में प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर कृषि भवन में देशभर से आए किसान नेताओं ने एथेनॉल नीति के समर्थन में केंद्रीय मंत्री से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि एथेनॉल खेती के लिए बड़ा अवसर है, बशर्ते इसकी नीति पूरी तरह किसान हितों पर आधारित हो और फसलों का उचित मूल्य सीधे किसानों तक पहुंचे।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के सुझावों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि सरकार एथेनॉल से जुड़े हर मुद्दे पर किसानों की राय को प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि किसान उनके लिए भगवान के समान हैं और कृषि भवन के दरवाजे हमेशा उनके लिए खुले रहेंगे।

देशभर के किसान नेताओं ने रखी अपनी बात

नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में आयोजित बैठक में पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु समेत कई राज्यों के किसान नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में एथेनॉल, किसानों की आय, न्यूनतम समर्थन मूल्य, कृषि बाजार और राष्ट्रीय कृषि नीति जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे एथेनॉल के विरोध में नहीं हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि इस नीति का सबसे बड़ा लाभ किसानों तक पहुंचे, न कि केवल कंपनियों या बिचौलियों तक सीमित रहे।

एथेनॉल से मिलेगा किसानों को नया बाजार

बैठक में किसान नेताओं ने कहा कि एथेनॉल कार्यक्रम से खेती का उत्पाद केवल मंडियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र तक उसकी पहुंच बनेगी। गन्ना, मक्का, चावल और अन्य फीडस्टॉक से एथेनॉल उत्पादन बढ़ने पर किसानों को अधिक खरीदार मिलेंगे और फसल की बिक्री के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। इससे भंडारण और फसल खराब होने जैसी समस्याओं में भी कमी आने की उम्मीद है।

किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि वे चाहते हैं कि एथेनॉल नीति खेती के लिए नए अवसर पैदा करे और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करे।

भ्रम दूर करने पर दिया गया जोर

बैठक के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि एथेनॉल को लेकर सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर कई तरह की गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि कृषि मंत्रालय और किसान संगठन मिलकर वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर लोगों को जानकारी दें कि एथेनॉल से किन फसलों को लाभ मिलेगा और कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने में यह कैसे मददगार हो सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए छोटे वीडियो, जनसभाओं और जागरूकता अभियानों का सहारा लिया जाना चाहिए।

सरकार ने किसान हितों को बताया प्राथमिकता

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा एथेनॉल मॉडल तैयार करना है, जिसमें खेत से लेकर ईंधन तक पूरी श्रृंखला का लाभ किसानों को मिले। उन्होंने कहा कि एथेनॉल कार्यक्रम देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा और किसानों की आय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। सरकार इस बात का भी ध्यान रखेगी कि किसी फसल या किसी राज्य के साथ अन्याय न हो।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि मक्का, गन्ना, चावल और अन्य फीडस्टॉक की मांग और कीमतों के संतुलन को लेकर नीति की समीक्षा की जाएगी तथा वैज्ञानिक अध्ययनों और तकनीकी रिपोर्टों के आधार पर एथेनॉल से जुड़े नकारात्मक प्रचार का जवाब दिया जाएगा।

किसानों और सरकार ने दिया साझेदारी का संदेश

बैठक के अंत में किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि वे गांव-गांव जाकर एथेनॉल से जुड़े भ्रम को दूर करने का अभियान चलाएंगे और तथ्यों के आधार पर किसानों को जागरूक करेंगे। वहीं शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान संगठन सरकार के विरोधी नहीं, बल्कि नीति निर्माण की प्रक्रिया में साझेदार हैं। सरकार किसानों के सुझावों के आधार पर ऐसा ढांचा तैयार करेगी, जिससे किसान, कृषि और देश—तीनों को लाभ मिले।

 

एक नज़र