उड़ान योजना को मिलेगी नई रफ्तार! 100 एयरपोर्ट और 200 हेलीपोर्ट बनाने की तैयारी, राज्यों से मांगे गए प्रस्ताव

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए उड़ान योजना के नए चरण पर तेजी से काम कर रही है। इसके तहत 100 नए हवाई अड्डे और 200 हेलीपोर्ट विकसित करने की तैयारी है। सरकार ने इसके लिए राज्यों से प्रस्ताव मांगने शुरू कर दिए हैं। जमीन की उपलब्धता के बाद संबंधित स्थान की तकनीकी जांच की जाएगी और वहां संभावित यात्रियों की संख्या का आकलन किया जाएगा।

उड़े देश का आम नागरिक योजना के नए चरण में केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से हवाई संपर्क का दायरा बढ़ाने की योजना है। नए हवाई अड्डों और हेलीपोर्ट के लिए स्थानों का चयन जमीन की उपलब्धता, तकनीकी व्यवहार्यता और संभावित यात्री संख्या जैसे मानकों के आधार पर किया जाएगा।

राज्यों की जमीन उपलब्ध कराने में होगी अहम भूमिका

सरकार ने राज्यों को नए हवाई अड्डों और हेलीपैड के लिए संभावित स्थानों के प्रस्ताव भेजने को कहा है। यदि किसी राज्य की ओर से जमीन उपलब्ध कराई जाती है तो संबंधित स्थान की तकनीकी जांच की जाएगी। इसके बाद यह देखा जाएगा कि वहां से कितने यात्रियों को हवाई सेवा का लाभ मिल सकता है।

सरकारी स्तर पर ऐसे हवाई पट्टों को भी विकसित करने पर विचार किया जा रहा है, जो बड़े शहरों में मौजूद हैं और फिलहाल वीवीआईपी आवागमन के लिए इस्तेमाल होते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे कुछ शहरों में हवाई यात्रा की मांग भी पर्याप्त है।

पर्वतीय और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में 200 हेलीपोर्ट का प्रस्ताव

उड़ान योजना के तहत पर्वतीय राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों और अन्य आकांक्षी क्षेत्रों में 200 हेलीपोर्ट विकसित करने का प्रस्ताव है। इससे उन इलाकों में हवाई संपर्क बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण नियमित हवाई अड्डे विकसित करना चुनौतीपूर्ण है।

हाल ही में लोकसभा में एक सवाल के जवाब में नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने बताया था कि उड़ान योजना का नया चरण वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक 10 साल के लिए लागू किया गया है।

कई उड़ान मार्ग बंद होने की रिपोर्ट से बढ़ी चुनौती

उड़ान योजना को लेकर हाल में सामने आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि छोटे शहरों में इस योजना को अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। इसके चलते कई हवाई अड्डे बंद पड़े हैं। कुछ नए ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर भी उड़ानें बंद हैं या उनकी संख्या काफी कम हो गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में उड़ान योजना के तहत 679 हवाई मार्ग शुरू किए गए थे। इनमें से 165 मार्गों को बाद में बंद करना पड़ा। ऐसे में सरकार के सामने नए हवाई अड्डे और हेलीपोर्ट विकसित करने के साथ-साथ इनसे नियमित हवाई सेवा सुनिश्चित करने की चुनौती भी बनी हुई है।

 

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