लोअर बर्थ के नीचे सामान रखने पर किसका हक? रेलवे का नियम जान लीजिए, स्लीपर से एसी फर्स्ट क्लास तक कितने किलो सामान की छूट
नई दिल्ली: ट्रेन में सफर के दौरान लोअर बर्थ के नीचे सामान रखने को लेकर यात्रियों के बीच अक्सर विवाद हो जाता है। कई यात्रियों को लगता है कि लोअर बर्थ का टिकट होने पर उसके नीचे की पूरी जगह पर सिर्फ उनका अधिकार है। लेकिन रेलवे के नियमों के मुताबिक ऐसा नहीं है। लोअर बर्थ के नीचे उपलब्ध जगह पर उसी कूपे या केबिन में सफर कर रहे मिडिल और अपर बर्थ के यात्रियों का भी अधिकार होता है। ऐसे में सामान रखते समय सभी यात्रियों को एक-दूसरे की सुविधा का ध्यान रखना जरूरी है।
लोअर बर्थ के नीचे सिर्फ एक यात्री का अधिकार नहीं
अगर आपके टिकट पर लोअर बर्थ आवंटित है तो आप अपनी सीट के नीचे सामान रख सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि नीचे की पूरी जगह पर आपका ही कब्जा होगा। उसी कूपे में मिडिल और अपर बर्थ पर यात्रा करने वाले यात्रियों को भी लोअर बर्थ के नीचे अपना सामान रखने की अनुमति होती है।
यानी लोअर बर्थ के नीचे की जगह को सभी संबंधित यात्रियों को आपसी सहमति और सुविधा के हिसाब से इस्तेमाल करना चाहिए। किसी एक यात्री का पूरी जगह पर कब्जा करना उचित नहीं है।
किस श्रेणी में कितने सामान की अनुमति?
रेलवे ने यात्रियों के लिए बिना अतिरिक्त शुल्क सामान ले जाने की सीमा भी निर्धारित की है। यह सीमा अलग-अलग श्रेणी के हिसाब से तय है।
स्लीपर श्रेणी: 40 किलोग्राम तक सामान बिना अतिरिक्त शुल्क ले जाने की अनुमति है।
एसी 3-टियर और 2-टियर: 40 से 50 किलोग्राम तक सामान ले जाने की सीमा है।
एसी फर्स्ट क्लास: 70 किलोग्राम तक सामान बिना अतिरिक्त शुल्क ले जाया जा सकता है।
यात्रियों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि सामान तय वजन और आकार की सीमा के भीतर हो और इतना स्थान न घेरे कि दूसरे यात्रियों को बैठने या आने-जाने में परेशानी हो।
सामान को लेकर विवाद हो तो क्या करें?
अगर लोअर बर्थ के नीचे सामान रखने या जगह घेरने को लेकर किसी यात्री से विवाद हो जाए तो खुद बहस करने के बजाय ट्रेन में मौजूद टीटीई से संपर्क किया जा सकता है। यात्री रेल मदद के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं या रेलवे के टोल-फ्री नंबर 139 पर संपर्क कर सकते हैं।
इस तरह विवाद को बढ़ाने के बजाय रेलवे कर्मचारियों की मदद लेकर समस्या का समाधान कराया जा सकता है।
सफर में इन बातों का रखें ध्यान
लोअर बर्थ के नीचे सामान रखने की जगह को लेकर किसी एक यात्री का एकतरफा अधिकार मानना सही नहीं है। सामान रखते समय दूसरे यात्रियों के लिए भी पर्याप्त जगह छोड़ना जरूरी है। साथ ही निर्धारित सामान सीमा का पालन करने और जरूरत से ज्यादा जगह नहीं घेरने से यात्रा के दौरान अनावश्यक विवाद से बचा जा सकता है।
