PG से अवैध निर्माण तक, दिल्ली में MCD का बड़ा एक्शन, 12 जोन में चला बुलडोजर; 34 तोड़फोड़, 17 संपत्तियां सील

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नई दिल्ली: सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने राजधानी में असुरक्षित और अवैध इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को निगम ने दिल्ली के सभी 12 जोन में व्यापक अभियान चलाते हुए अवैध निर्माण, संपत्तियों के दुरुपयोग और असुरक्षित भवनों पर कार्रवाई की। इस दौरान 34 तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई, जबकि 17 संपत्तियों को सील किया गया।

तीन महीने में 1,053 तोड़फोड़ की कार्रवाई

नगर निगम के आधिकारिक डिवीजन रिकॉर्ड के मुताबिक, 1 जून 2026 से 9 सितंबर 2026 तक कुल 1,053 तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा चुकी हैं। इस अवधि में 491 संपत्तियों को सील किया गया है और नियमों के उल्लंघन को लेकर 2,316 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा 757 तोड़फोड़ नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।

नरेला में सबसे ज्यादा कार्रवाई, कई जोन में ध्वस्तीकरण

9 सितंबर को हुई कार्रवाई में नरेला जोन सबसे आगे रहा। यहां छह बड़े स्तर के तोड़फोड़ अभियान चलाए गए। दक्षिण जोन में पांच अनधिकृत इमारतों को ध्वस्त किया गया। केंद्रीय जोन में पांच, केशवपुरम जोन में तीन और शाहदरा उत्तर जोन में तीन तोड़फोड़ की कार्रवाई हुईं।

पश्चिम जोन में विकास नगर के मानसरोवर एन्क्लेव पार्ट-2 में खतरनाक संपत्ति के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। वहीं, दक्षिण जोन में एक अनधिकृत इमारत को भी ध्वस्त किया गया।

सिविल लाइंस में चार संपत्तियां सील

सीलिंग अभियान के तहत सिविल लाइंस जोन में चार संपत्तियों पर कार्रवाई की गई। इनमें वर्धमान मॉल भी शामिल है, जहां संपत्ति के दुरुपयोग के कारण कार्रवाई की गई। इसी जोन के संत नगर ए-1 ब्लॉक एक्सटेंशन में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई।

सिटी-एसपी जोन में प्रेम नगर और जामा मस्जिद क्षेत्र के काला महल में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ चार संपत्तियों पर कार्रवाई की गई।

1,252 पीजी इमारतों का सर्वे, तीन मिलीं खतरनाक

नगर निगम ने पेइंग गेस्ट इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सर्वेक्षण किया है। अब तक 1,252 पीजी इमारतों की जांच की जा चुकी है। इनमें 39 इमारतों में मामूली मरम्मत की जरूरत मिली, जबकि नौ इमारतों में बड़ी मरम्मत आवश्यक पाई गई। सर्वे के दौरान तीन इमारतों को खतरनाक घोषित किया गया। इनमें से एक इमारत को ध्वस्त किया जा चुका है।

राजधानी में जर्जर भवनों, अनधिकृत निर्माण और संपत्तियों के दुरुपयोग के खिलाफ MCD का यह अभियान लगातार जारी है। हालिया कार्रवाई से साफ है कि निगम ने असुरक्षित इमारतों और नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों पर सख्ती बढ़ा दी है।

 

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