National Brain Aneurysm Month: ब्रेन एन्यूरिज्म क्या होता है, क्या हर मरीज को सर्जरी की जरूरत पड़ती है? जानें एक्सपर्ट की राय

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नई दिल्ली: ब्रेन एन्यूरिज्म का नाम सुनते ही अक्सर मरीज और परिवार के मन में सबसे पहले सर्जरी का डर पैदा हो जाता है। कई लोगों को लगता है कि इस समस्या का पता चलते ही खोपड़ी खोलकर ऑपरेशन कराना जरूरी होगा। हालांकि, ऐसा हर मामले में नहीं होता। कुछ छोटे एन्यूरिज्म में डॉक्टर नियमित जांच के जरिए निगरानी करते हैं, जबकि कुछ मामलों में इलाज की जरूरत पड़ सकती है।

ब्रेन एन्यूरिज्म के इलाज को लेकर मुंबई के सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल के डॉ. विपुल गुप्ता ने बताया कि हर मरीज में ब्रेन सर्जरी जरूरी नहीं होती। कई मामलों में खून की नस के रास्ते एंडोवैस्कुलर तकनीक से भी इसका इलाज किया जा सकता है। इलाज का फैसला एन्यूरिज्म की स्थिति और मरीज की सेहत को ध्यान में रखकर किया जाता है।

क्या होता है ब्रेन एन्यूरिज्म

ब्रेन एन्यूरिज्म मस्तिष्क की किसी रक्तवाहिका की दीवार कमजोर होने से बनता है। इसमें नस का एक हिस्सा गुब्बारे की तरह बाहर की ओर उभर जाता है। छोटे एन्यूरिज्म कई बार लंबे समय तक बिना किसी लक्षण या परेशानी के रह सकते हैं।

हालांकि, कुछ एन्यूरिज्म के फटने का खतरा होता है। अगर एन्यूरिज्म फट जाए तो मस्तिष्क में खून बह सकता है और स्थिति गंभीर हो सकती है। एन्यूरिज्म का पता चलने के बाद डॉक्टर तुरंत सर्जरी का फैसला नहीं करते। इसके आकार, स्थान और बनावट के साथ मरीज की उम्र और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं को भी ध्यान में रखा जाता है।

खोपड़ी खोले बिना भी हो सकता है इलाज

कई मरीजों में एंडोवैस्कुलर उपचार का विकल्प इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कलाई या जांघ की रक्तवाहिका के रास्ते एक पतली ट्यूब यानी कैथेटर को मस्तिष्क की प्रभावित नस तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद विशेष उपकरणों की मदद से एन्यूरिज्म में खून के बहाव को रोकने या कम करने की कोशिश की जाती है।

इस उपचार में खोपड़ी खोलने की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, हर तरह के एन्यूरिज्म के लिए यह तरीका उपयुक्त नहीं होता। डॉक्टर एन्यूरिज्म की स्थिति और मरीज की मेडिकल स्थिति के आधार पर उपचार का तरीका तय करते हैं।

कुछ मामलों में क्लिपिंग की जरूरत

कुछ मरीजों में ओपन सर्जरी यानी क्लिपिंग की आवश्यकता हो सकती है। इस प्रक्रिया में डॉक्टर एन्यूरिज्म तक पहुंचकर उसके आधार पर एक छोटी क्लिप लगाते हैं, जिससे उसमें खून का प्रवाह रुक जाता है।

क्लिपिंग और एंडोवैस्कुलर उपचार में से किस विकल्प का इस्तेमाल किया जाएगा, यह एन्यूरिज्म की स्थिति और मरीज के स्वास्थ्य को देखते हुए तय किया जाता है।

हर ब्रेन एन्यूरिज्म में इलाज जरूरी नहीं

अगर एन्यूरिज्म छोटा है और उसके फटने का खतरा कम है, तो डॉक्टर तत्काल उपचार के बजाय नियमित स्कैन के जरिए उसकी निगरानी कर सकते हैं। वहीं, अगर एन्यूरिज्म के फटने का खतरा अधिक माना जाता है तो डॉक्टर बचाव के लिए उपचार की सलाह दे सकते हैं।

एन्यूरिज्म फटने पर तुरंत इलाज जरूरी

अगर ब्रेन एन्यूरिज्म फट जाता है और मस्तिष्क में रक्तस्राव होने लगता है तो यह गंभीर स्थिति हो सकती है। ऐसे मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाना और विशेषज्ञ उपचार दिलाना जरूरी होता है।

इसलिए ब्रेन एन्यूरिज्म का पता चलने का मतलब यह नहीं है कि हर मरीज को तुरंत बड़ी सर्जरी करानी ही पड़ेगी। हर मरीज की स्थिति अलग होती है और डॉक्टर जांच के बाद तय करते हैं कि केवल निगरानी, नस के रास्ते उपचार या सर्जरी में से कौन सा विकल्प उचित रहेगा।

 

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