Maharashtra Ganesh Utsav: गणपति पंडाल में सांवरिया सेठ और खाटू श्याम का अद्भुत संगम, सोने की चेन मिलने की घटना के बाद बढ़ी भक्तों की भीड़
चंद्रपुर: महाराष्ट्र के चंद्रपुर में गणपति उत्सव के दौरान इस बार भक्ति और आस्था का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। श्री अष्टविनायक गणेश मंडल ने राजस्थान के प्रसिद्ध सांवरिया सेठ मंदिर की भव्य झांकी को पंडाल में साकार किया है। यहां गणपति बप्पा के साथ खाटू श्याम जी और सांवरिया सेठ के स्वरूप के दर्शन भी हो रहे हैं। झांकी श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।
पंडाल में प्रवेश करते ही भव्य द्वार दिखाई देता है। इसके भीतर राजस्थान के सांवरिया सेठ मंदिर का स्वरूप तैयार किया गया है। मंदिर की सजावट, रोशनी और बारीक कारीगरी पर विशेष ध्यान दिया गया है। झांकी को इस तरह तैयार किया गया है कि श्रद्धालुओं को चंद्रपुर में ही सांवरिया सेठ के दरबार में पहुंचने जैसा अनुभव हो।
एक मूर्ति में खाटू श्याम और सांवरिया सेठ का स्वरूप
इस झांकी की सबसे खास बात यहां स्थापित की गई प्रतिमा है। इसमें एक ही मूर्ति के जरिए खाटू श्याम जी और सांवरिया सेठ के स्वरूप को जोड़ा गया है। प्रतिमा का चेहरा खाटू श्याम जी का है, जबकि पूरे स्वरूप को सांवरिया सेठ के रूप में तैयार किया गया है। यह अनोखा संगम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है।
लाल कपड़े में नारियल बांधकर लगाते हैं अर्जी
श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर इस दरबार में पहुंच रहे हैं। आस्था के अनुसार, लोग लाल कपड़े में नारियल बांधकर उसमें मोर पंख लगाते हैं और अपनी अर्जी दरबार में लगाते हैं। कोई परिवार की खुशहाली की कामना लेकर पहुंच रहा है तो कोई कारोबार और रोजगार में तरक्की की प्रार्थना कर रहा है। कई श्रद्धालु स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और अपनी अधूरी इच्छाओं के पूरा होने की उम्मीद लेकर भी यहां पहुंच रहे हैं।
सोने का गहना खोया, अर्जी लगाने के बाद मिलने का दावा
मंडल के सदस्यों के मुताबिक, पंडाल में एक महिला का सोने का गहना खो गया था। काफी तलाश करने के बाद भी जब गहना नहीं मिला तो महिला ने बाबा के दरबार में अर्जी लगाई। मंडल के सदस्यों का दावा है कि अर्जी लगाने के कुछ ही देर बाद महिला को उसका गहना मिल गया। इस घटना के बाद श्रद्धालुओं के बीच आस्था और बढ़ी और बड़ी संख्या में लोग अपनी मनोकामना लेकर दरबार में पहुंचने लगे।
एक ही पंडाल में बप्पा और बाबा के दर्शन
पंडाल में भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमा भी स्थापित की गई है। ऐसे में श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर गणपति बप्पा, खाटू श्याम जी और सांवरिया सेठ के दर्शन हो रहे हैं। दरबार में भक्त हाथों में अर्जी और मन में अपनी मनोकामना लेकर पहुंच रहे हैं।
इस भव्य झांकी को तैयार करने में श्री अष्टविनायक गणेश मंडल के सदस्यों को करीब चार महीने का समय लगा। महीनों की मेहनत और कारीगरी के बाद राजस्थान के सांवरिया सेठ मंदिर के स्वरूप को चंद्रपुर में तैयार किया गया है। मंदिर की सजावट, रोशनी और प्रतिमा से लेकर अर्जी लगाने की परंपरा तक, हर पहलू को श्रद्धालुओं की आस्था से जोड़ने की कोशिश की गई है।
तीन साल से गणेश स्थापना कर रहा मंडल
श्री अष्टविनायक गणेश मंडल पिछले तीन वर्षों से गणेश स्थापना कर रहा है। मंडल की ओर से हर साल कुछ नया प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाता है। इस बार सांवरिया सेठ मंदिर की भव्य झांकी तैयार की गई है, जिसने गणपति उत्सव में श्रद्धालुओं का खास ध्यान खींचा है।
चंद्रपुर में इस पंडाल में गणपति बप्पा के जयकारों के साथ खाटू श्याम जी और सांवरिया सेठ के जयकारे भी गूंज रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और अपनी अर्जी लगाने के लिए पहुंच रहे हैं।
