NIT से BTech, फिर UPSC के लिए छोड़ी नौकरी, तीसरे प्रयास में बने IPS; किडनैपर को पकड़ने के लिए बिछाया था हनी ट्रैप
बरेली: उत्तर प्रदेश पुलिस में हाल ही में हुए 20 आईपीएस अधिकारियों के तबादलों में 2020 बैच के अधिकारी चिराग जैन का नाम भी शामिल है। उन्हें बरेली नगर का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। राजस्थान के डीग जिले से आने वाले चिराग जैन की कहानी पढ़ाई, संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। एनआईटी जयपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद उन्होंने निजी कंपनी की नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। तीसरे प्रयास में सफलता हासिल कर वह आईपीएस अधिकारी बने। प्रयागराज में तैनाती के दौरान एक अपहृत युवती को बचाने के लिए किडनैपर से सोशल मीडिया पर संपर्क साधने की उनकी रणनीति भी चर्चा में रही थी।
कौन हैं आईपीएस चिराग जैन?
चिराग जैन राजस्थान के डीग जिले के रहने वाले हैं। उनके पिता धर्मेंद्र कुमार जैन स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत थे, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। चिराग का जन्म 23 नवंबर 1994 को हुआ था। पढ़ाई में शुरू से ही अच्छे रहे चिराग ने एनआईटी जयपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें एक प्रतिष्ठित निजी कंपनी में नौकरी मिल गई। हालांकि, वह अपने करियर को एक अलग दिशा देना चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने नौकरी करने के करीब एक साल बाद उसे छोड़ दिया और सिविल सेवा में जाने का फैसला किया।
नौकरी छोड़कर शुरू की UPSC की तैयारी
निजी कंपनी की नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू करना चिराग जैन के लिए आसान फैसला नहीं था। शुरुआती दौर में उन्हें भी यह चिंता थी कि कहीं उनका निर्णय गलत साबित न हो जाए। इसके बावजूद उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गए।
उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाकर देश के लिए काम करना था। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने असफलताओं के बावजूद प्रयास जारी रखे।
पहले दो प्रयासों में मिली असफलता
चिराग जैन को यूपीएससी के पहले प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा में सफलता मिली, लेकिन वह मुख्य परीक्षा पास नहीं कर सके। दूसरे प्रयास में उन्होंने सिविल सेवा और भारतीय वन सेवा, दोनों की परीक्षाएं दीं। वह दोनों परीक्षाओं के मुख्य चरण तक पहुंचे, लेकिन इंटरव्यू में सफलता नहीं मिल सकी।
लगातार दो प्रयासों में अंतिम सफलता नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी तैयारी की कमियों को पहचाना और उन पर काम करना शुरू किया।
तीसरे प्रयास में हासिल की 160वीं रैंक
पहले दो प्रयासों से मिले अनुभव के बाद चिराग जैन ने अपनी तैयारी को और मजबूत किया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने रोजाना 16 घंटे तक पढ़ाई करके परीक्षा की तैयारी की।
उनकी मेहनत रंग लाई और 2019 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 160वीं रैंक हासिल की। इस सफलता के साथ उनका आईपीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा हुआ। उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित किया गया।
प्रयागराज में किडनैपर को पकड़ने के लिए अपनाई अनोखी रणनीति
चिराग जैन प्रयागराज में एएसपी के पद पर भी तैनात रह चुके हैं। वर्ष 2022 में वहां तैनाती के दौरान घूरपुर इलाके की एक युवती के अपहरण का मामला सामने आया था। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी का फेसबुक प्रोफाइल सक्रिय था।
रिपोर्ट के अनुसार, चिराग जैन ने आरोपी तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। उन्होंने एक फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवती बनकर आरोपी से बातचीत शुरू की। बातचीत के दौरान उसका भरोसा जीतकर मोबाइल नंबर हासिल किया गया। इसके बाद नंबर को ट्रेस कर आरोपी तक पहुंचने में मदद मिली और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई के लिए चिराग जैन की रणनीति की चर्चा हुई थी।
अब बरेली नगर के नए पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश पुलिस में हाल ही में हुए 20 आईपीएस अधिकारियों के तबादलों के तहत चिराग जैन को बरेली नगर का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई, निजी नौकरी से सिविल सेवा की तैयारी और दो असफल प्रयासों के बाद आईपीएस बनने तक का उनका सफर उनके करियर का अहम हिस्सा रहा है।
