‘भारत के अंदरूनी मामलों में दखल मंजूर नहीं’, अमेरिकी सांसद को विनय क्वात्रा का दोटूक जवाब
अमेरिका: भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल की भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जताई गई चिंता पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने चुनावी और राजनीतिक प्रक्रियाओं पर उनकी टिप्पणियों को भारत के आंतरिक मामलों में अस्वीकार्य हस्तक्षेप बताया। उन्होंने कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है और किसी भी गलतफहमी को दूर करने के लिए रचनात्मक बातचीत को तैयार है।
प्रमिला जयपाल की टिप्पणी पर भारत ने जताई आपत्ति
अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने सोशल मीडिया पर भारत में मतदाता सूची से कथित तौर पर 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए भारत में इसके खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन भी किया था।
उनकी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए विनय मोहन क्वात्रा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि भारत की चुनावी और राजनीतिक प्रक्रियाओं को लेकर प्रमिला जयपाल की टिप्पणियां देश के आंतरिक मामलों में अस्वीकार्य हस्तक्षेप हैं।
‘भारत में स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाओं की मजबूत व्यवस्था’
विनय मोहन क्वात्रा ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में मजबूत और स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाएं हैं। साथ ही, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का लंबा इतिहास रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रमिला जयपाल की गलतफहमियों को दूर करने के लिए भारत रचनात्मक बातचीत के लिए हमेशा तैयार है। भारत के राजदूत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी सांसद ने भारतीय मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठाए हैं।
प्रमिला जयपाल ने भारत की तुलना अमेरिका से की
प्रमिला जयपाल ने अपनी पोस्ट में भारत की चुनावी प्रक्रिया की तुलना अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन से की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि जिस तरह अमेरिका में मतदान के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश हो रही है, उसी तरह की रणनीति भारत में भी अपनाई जा रही है।
उन्होंने लिखा था कि भारत सरकार द्वारा मतदाता सूची से 13 करोड़ लोगों के नाम हटाने का कदम उन्हें चिंतित करता है। साथ ही, उन्होंने लोकतंत्र के समर्थन में अहिंसक विरोध प्रदर्शनों को जरूरी बताते हुए ऐसे आंदोलनों में शामिल लोगों के प्रति समर्थन जताया था।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर मतदाता सूची की जांच और उसे अद्यतन करने की प्रक्रिया है। इसके तहत मृत मतदाताओं, दोहराए गए नामों और दूसरे स्थानों पर जा चुके मतदाताओं की पहचान की जाती है। चुनाव आयोग की प्रक्रिया के अनुसार, मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूटे पात्र नागरिक फॉर्म-6 के जरिए आवेदन कर सकते हैं।
हालांकि, विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाकर सत्तारूढ़ भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है। वहीं, इस मुद्दे पर प्रमिला जयपाल की टिप्पणी के बाद भारत की ओर से आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई है।
