नेहा बोरा को विपक्षी मार्च में मिली तवज्जो से कांग्रेस में नाराजगी? राहुल गांधी ने युवा नेताओं को सुनाया दोटूक जवाब, बोले- ‘श्रेय लेने आए हैं तो गलत पार्टी में हैं’
नई दिल्ली: कांग्रेस के छात्र और युवा संगठनों में वामपंथी छात्र नेता नेहा बोरा को मिल रही तवज्जो को लेकर असंतोष की चर्चा है। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के युवा नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर वे संगठन में सिर्फ श्रेय लेने के लिए आए हैं, तो वे गलत पार्टी में हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश के लिए दशकों तक काम किया, लेकिन उसका श्रेय लेने की कोशिश नहीं की।
युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के नेताओं के साथ हुई बैठक
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी ने गुरुवार को कांग्रेस मुख्यालय में भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी), नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) और सेवा दल के नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब और एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ भी मौजूद रहे।
बैठक में राहुल गांधी ने संगठन के भीतर काम करने, जिम्मेदारी निभाने और व्यक्तिगत श्रेय की अपेक्षा किए बिना पार्टी के लिए योगदान देने पर जोर दिया। उन्होंने युवा नेताओं को संगठन के अनुभवों से सीखने और भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों के लिए खुद को तैयार करने का संदेश दिया।
‘पुलिस की ज्यादती और मुश्किलें हमें मजबूत बनाएंगी’
बैठक में राहुल गांधी ने हाल के उन प्रदर्शनों का भी जिक्र किया, जिनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई गई थी। बैठक में मौजूद एक नेता के मुताबिक, उन्होंने प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को हुई परेशानियों और पुलिस की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे अनुभव पार्टी कार्यकर्ताओं को और मजबूत बनाएंगे।
राहुल गांधी ने युवा नेताओं को समझाया कि युवा कांग्रेस और एनएसयूआई जैसे संगठन नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, त्याग, कठिन परिस्थितियों का सामना करने और सही बात के लिए खड़े होने का साहस सिखाते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इन अवसरों का लाभ उठाने और संगठन में रहते हुए सीखने तथा आगे बढ़ने की अपील की।
नेहा बोरा को लेकर कांग्रेस के छात्र संगठन में क्यों उठे सवाल?
नेहा बोरा को 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए विपक्षी मार्च में प्रमुखता मिलने के बाद कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के कुछ नेताओं में नाराजगी की चर्चा है। रिपोर्ट के अनुसार, मार्च के दौरान नेहा बोरा को गांधी परिवार और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ एक ही बस में जगह दी गई थी। इसे लेकर संगठन के कुछ नेताओं ने असंतोष जताया।
पार्टी के भीतर कुछ नेताओं ने इस बात पर भी सवाल उठाए हैं कि वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े रहे नेता अपने राजनीतिक करियर को आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस का रुख कर रहे हैं। कुछ नेताओं का मानना है कि ऐसे नेताओं को प्रमुखता देने की रणनीति पर विचार किया जाना चाहिए, खासकर तब जब कांग्रेस नए मतदाता वर्गों के बीच अपना समर्थन बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
प्रियंका गांधी ने युवा नेताओं को याद दिलाई जिम्मेदारी
बैठक में प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी युवा नेताओं को संगठन के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि किसी भी नेता का काम, आचरण और व्यवहार उस संगठन के मूल्यों को दर्शाता है, जिसका वह प्रतिनिधित्व करता है।
प्रियंका गांधी ने युवा नेताओं को कांग्रेस की ताकत और भविष्य बताते हुए कहा कि पार्टी का वरिष्ठ नेतृत्व भी उनसे ताकत हासिल करता है। उन्होंने यह भी समझाया कि युवा नेता केवल अपना प्रतिनिधित्व नहीं करते, बल्कि उनके आचरण से पूरी पार्टी की छवि बनती है। ऐसे में उन्हें अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहना चाहिए।
खरगे बोले- देश की राजनीतिक दिशा तय करने में युवाओं की अहम भूमिका
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारत के युवाओं ने हमेशा देश की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में उन्होंने युवा कांग्रेस और पार्टी के अग्रिम संगठनों की भूमिका को रेखांकित किया।
खरगे ने कहा कि कांग्रेस के युवा संगठन युवाओं के हितों के खिलाफ काम करने वाली सरकार को जवाबदेह ठहराने, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने और संस्थानों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इन संगठनों का साहस और दृढ़ विश्वास भारतीय लोकतंत्र की रक्षा के पार्टी के संकल्प को मजबूत करता है।
