‘चोली के पीछे’ गाने पर डांस के आरोप से मचा बवाल, किसान नेता से कथित मारपीट मामले में 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
मेरठ: किसान नेता दिग्विजय भाटी से कथित मारपीट के मामले में मेरठ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नए एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के पदभार संभालने के बाद सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ समेत आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस ने यह कदम जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उठाया है। मामले की जांच पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर रेंज द्वारा की जा रही है।
इन आठ पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई
लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में सिविल लाइंस थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़, उप निरीक्षक मुलायम सिंह, हेड कांस्टेबल हरि ओम, कांस्टेबल मुकेश कुमार, हेड कांस्टेबल श्याम बाबू, कांस्टेबल सुमित कुमार, नीलम लौर और ललित कुमार शामिल हैं। सभी की तैनाती सिविल लाइंस थाने में थी।
पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के जरिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा एक व्यक्ति से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया था। इसे गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई जा रही है। जांच प्रभावित न हो, इसलिए आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है।
क्या है किसान नेता से मारपीट का मामला?
आरोप है कि 19 अगस्त को किसान नेता दिग्विजय भाटी अपने साथी मोहित जाटव के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे। वहां उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। इसके बाद दोनों को एसओजी कार्यालय ले जाने और वहां भी बर्बरता किए जाने का आरोप लगाया गया।
दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया था कि मारपीट के दौरान उनकी आंख और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। इस पूरे मामले को लेकर शुक्रवार को सपा विधायक अतुल प्रधान ने अपने आवास पर दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
‘चोली के पीछे’ गाने पर डांस कराने का भी आरोप
किसान नेता की ओर से पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दिग्विजय भाटी ने दावा किया कि उनके साथ कथित तौर पर थर्ड डिग्री जैसा व्यवहार किया गया और ‘चोली के पीछे’ गाने पर डांस कराया गया। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
नए एसएसपी के आते ही बदला पुलिस महकमे का रुख
इस मामले के बीच मेरठ के तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय को गुरुवार को मेरठ से हटाकर डीजीपी मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया था। उनकी जगह झांसी के एसएसपी रहे बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ की जिम्मेदारी सौंपी गई। नए एसएसपी ने शुक्रवार को पदभार संभाला और इसके बाद किसान नेता से कथित मारपीट के मामले में आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
मामले की जांच अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन के आदेश पर पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर रेंज द्वारा की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
