ट्विशा शर्मा केस में बड़ा एक्शन! अग्रिम जमानत रद्द होते ही सास गिरिबाला सिंह के घर पहुंची CBI टीम
भोपाल: नोएडा की मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। रिटायर्ड जिला जज और ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद गुरुवार सुबह केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम उनके भोपाल स्थित घर पहुंच गई। इसके बाद से गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
सीबीआई टीम ने भोपाल के बागमुगालिया इलाके में स्थित गिरिबाला सिंह के बंगले का निरीक्षण किया और पूरे घर की थ्रीडी मैपिंग कराई। जांच एजेंसी ने उस जगह की भी विशेष रूप से मैपिंग की, जहां ट्विशा शर्मा कथित तौर पर फंदे से लटकी हुई मिली थीं।
कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी!
मामले में पहले ही गिरिबाला सिंह के बेटे और ट्विशा के पति समर्थ सिंह को सीबीआई हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अब अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद माना जा रहा है कि गिरिबाला सिंह पर भी कभी भी गिरफ्तारी की कार्रवाई हो सकती है। हालांकि जांच एजेंसी की ओर से फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
हाईप्रोफाइल मामला बनने के बाद से गिरिबाला सिंह के घर के बाहर लगातार मीडिया का जमावड़ा लगा हुआ है। गुरुवार सुबह वह कुछ देर के लिए घर से बाहर निकलीं और सड़क पर मौजूद स्ट्रे डॉग्स को खाना खिलाती नजर आईं।
12 मई को हुई थी ट्विशा शर्मा की मौत
ट्विशा शर्मा की 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। ट्विशा के परिवार ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना और हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरी ओर गिरिबाला सिंह और उनके बेटे का दावा है कि ट्विशा ने आत्महत्या की थी।
इस मामले ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं और सोशल मीडिया पर भी लगातार न्याय की मांग उठ रही है।
हाईकोर्ट ने क्यों खारिज की अग्रिम जमानत?
मध्य प्रदेश के एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट ने कई अहम तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत खारिज की है। कोर्ट ने ट्विशा शर्मा के शरीर पर मिले चोट के निशानों, जांच में सहयोग न करने और व्हाट्सऐप चैट्स को महत्वपूर्ण माना, जो कथित मानसिक उत्पीड़न की ओर इशारा करती हैं।
अदालत ने माना कि मामले की परिस्थितियां गंभीर हैं और जांच के दौरान आरोपी का सहयोग न करना भी महत्वपूर्ण पहलू है। इसी आधार पर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया।
CBI के अगले कदम पर सबकी नजर
अब पूरे मामले में सीबीआई की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। जांच एजेंसी लगातार सबूत जुटाने और घटनास्थल की तकनीकी जांच में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस हाईप्रोफाइल केस में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
