CM आवास योजना का बड़ा असर! 84% लाभार्थियों ने कहा- पक्की छत ने बदली जिंदगी, बढ़ा सम्मान और सुरक्षा का एहसास

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। शासन के मूल्यांकन प्रभाग द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में सामने आया है कि योजना के तहत पक्का मकान मिलने के बाद बड़ी संख्या में लाभार्थियों के जीवन स्तर, सुरक्षा और सामाजिक सम्मान में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच किए गए सर्वेक्षण में योजना से जुड़े परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों का आकलन किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश लाभार्थियों ने माना कि पक्का मकान मिलने के बाद उनके जीवन की गुणवत्ता पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है।

84 फीसदी परिवारों ने महसूस की बेहतर सुरक्षा

सर्वेक्षण में शामिल 84 प्रतिशत लाभार्थियों ने बताया कि पक्का मकान मिलने के बाद उन्हें सर्दी, गर्मी, बारिश और अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों से पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षा मिलने लगी है। कच्चे घरों की तुलना में अब उनका परिवार अधिक सुरक्षित महसूस करता है।

रहन-सहन और जीवन स्तर में आया बड़ा बदलाव

करीब 77 प्रतिशत परिवारों ने स्वीकार किया कि आवास मिलने के बाद उनके रहन-सहन और जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार हुआ है। बेहतर आवासीय सुविधाओं के कारण परिवारों के दैनिक जीवन में स्थिरता और सुविधा बढ़ी है।

2018 में शुरू हुई थी योजना

प्रदेश सरकार ने फरवरी 2018 में मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की शुरुआत की थी। योजना का उद्देश्य उन पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है जो विभिन्न कारणों से स्थायी आवास से वंचित रहे हैं। इसके अंतर्गत प्राकृतिक आपदा प्रभावित परिवारों, विशेष जनजातीय समुदायों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, दिव्यांगजनों, निराश्रित विधवाओं और अन्य पात्र लोगों को शामिल किया गया है।

अब तक इस योजना के तहत 5.87 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। इनमें 1.30 लाख से अधिक दिव्यांगजन और 72 हजार से ज्यादा निराश्रित विधवा महिलाएं भी शामिल हैं।

जीवन की गुणवत्ता में सुधार का दावा

सर्वेक्षण में शामिल 1464 परिवारों में से 1457 परिवारों ने माना कि पक्का घर मिलने के बाद उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक आवास मिलने से लोगों के आत्मविश्वास और आत्मसम्मान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

सामाजिक सम्मान और बराबरी का बढ़ा एहसास

करीब 71 प्रतिशत लाभार्थियों ने कहा कि पक्का मकान मिलने के बाद समाज में उनका सम्मान बढ़ा है। उन्होंने सामाजिक बराबरी और आत्मगौरव की भावना को पहले से अधिक मजबूत महसूस किया है।

जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे से मिली राहत

सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि 68 प्रतिशत लाभार्थी पहले अपने कच्चे घरों में सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे से जूझते थे। पक्का मकान मिलने के बाद इस समस्या से काफी हद तक राहत मिली है।

इसके अलावा 27 प्रतिशत परिवारों ने बताया कि आवास मिलने के बाद बच्चों की पढ़ाई, परिवार के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन की व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है।

सरकार ने बताया बदलाव का मजबूत माध्यम

सर्वेक्षण रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अब केवल मकान उपलब्ध कराने की योजना नहीं रह गई है, बल्कि यह गरीब परिवारों को सुरक्षा, स्थायित्व, सम्मान और बेहतर भविष्य प्रदान करने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। पक्की छत ने लाखों परिवारों के जीवन में आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा का नया अध्याय जोड़ा है।

 

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