भीषण गर्मी से पहले यूपी सरकार की बड़ी तैयारी, 34,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य; सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी और संभावित बिजली मांग को देखते हुए योगी सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस गर्मी के दौरान उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की बिजली कटौती या परेशानी का सामना न करना पड़े।
34,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की रणनीति
ऊर्जा विभाग ने इस वर्ष पीक डिमांड को ध्यान में रखते हुए लगभग 34,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की योजना तैयार की है। इसके लिए नए थर्मल पावर प्लांट यूनिट्स को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जा रहा है और उत्पादन क्षमता को लगातार बढ़ाया जा रहा है।
घाटमपुर, खुर्जा, पनकी, ओबरा और जवाहरपुर जैसी प्रमुख परियोजनाओं से बिजली उत्पादन शुरू हो चुका है, जिससे राज्य की ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वहीं घाटमपुर की तीसरी यूनिट 30 अप्रैल तक शुरू होने की संभावना है, जिससे आपूर्ति और मजबूत होगी।
पीक डिमांड 33 हजार मेगावाट से अधिक पहुंचने का अनुमान
यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार के अनुसार, इस वर्ष जून में पीक डिमांड लगभग 33,375 मेगावाट तक पहुंच सकती है, जो अब तक के उच्चतम स्तरों में से एक होगी। मई और जुलाई में भी मांग 31 से 32 हजार मेगावाट के बीच रहने का अनुमान है।
80 प्रतिशत मांग पहले से तय एमओयू से पूरी होगी
ऊर्जा विभाग के अनुसार पीक आवर्स में लगभग 80 प्रतिशत बिजली की आपूर्ति पहले से किए गए लॉन्ग टर्म एमओयू के जरिए सुनिश्चित की जाएगी। इससे अचानक बढ़ने वाली मांग के बावजूद सप्लाई में स्थिरता बनी रहेगी।
शेष मांग को पूरा करने के लिए बिजली एक्सचेंज प्लेटफॉर्म जैसे आईईएक्स, पीएक्सआईएल और एचपीएक्स से अतिरिक्त बिजली खरीदी जाएगी। इसके अलावा करीब 4,663 मिलियन यूनिट बिजली की बैंकिंग व्यवस्था भी की गई है, जिससे जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों से बिजली ली जा सकेगी।
मुख्यमंत्री ने बढ़ाई सख्त निगरानी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में उच्च स्तरीय बैठक में साफ निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं को असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके बाद बिजली आपूर्ति व्यवस्था की मॉनिटरिंग और तेज कर दी गई है।
ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है, फीडर स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है और लाइन लॉस कम करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को भी तेजी से लागू किया जा रहा है, ताकि पूरी बिजली व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।
