माघ मेले में अव्यवस्था पर सख्त सीएम योगी, बोले—फील्ड में उतरें अधिकारी, श्रद्धालुओं को न हो कोई परेशानी

CMgkp-1767410902272

लखनऊ। माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा नहीं होनी चाहिए और इसके लिए अधिकारी खुद फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने अपने आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलाधिकारियों के साथ आगामी पर्व-त्योहारों और माघ मेला तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अराजकता को बढ़ावा न मिले। ऐसी पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित और शांत वातावरण में स्नान व पूजा-अर्चना कर सकें।

मुख्यमंत्री ने प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, हापुड़ (गढ़मुक्तेश्वर), मथुरा-वृंदावन, फर्रुखाबाद और शाहजहांपुर समेत माघ मेला से जुड़े सभी प्रमुख जिलों के डीएम को श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन, घाटों की व्यवस्था और मंदिर परिसरों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

उन्होंने निर्बाध बिजली आपूर्ति, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, कंट्रोल रूम, प्रभावी भीड़ प्रबंधन और मेला क्षेत्र में सुचारू प्रवेश-निकास व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। प्रयागराज में पौष पूर्णिमा के अवसर पर 15 से 25 लाख श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में पर्याप्त मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस, स्वच्छ शौचालय, पेयजल और महिलाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। घाटों पर गोताखोरों की पर्याप्त तैनाती भी सुनिश्चित की जाए।

महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध एवं अराजक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने सभी वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वे शुक्रवार रात में ही मेला स्थल का निरीक्षण करें और अधीनस्थ अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दें। नदी में तेज बहाव को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग कराने के आदेश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी नाविक या होटल संचालक श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क न वसूले। भू-माफिया और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि आमजन की भूमि और संपत्ति की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर भी उन्होंने जोर दिया।

सड़कों पर जाम की समस्या से निपटने के लिए अवैध टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड और वेंडरों को हटाकर निर्धारित स्थानों पर व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए। शीतलहर को देखते हुए रैन बसेरों में ठहरने वालों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को अगले 10 दिनों के भीतर बाढ़ से बचाव की कार्ययोजना तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव को भेजने के निर्देश दिए।

 

एक नज़र