ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का सुप्रीम कोर्ट मार्च, नेताओं को मिली एंट्री; राहुल गांधी ने दाखिल की याचिका
दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाले गए INDIA ब्लॉक के मार्च के बीच सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के 10 से 15 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को कोर्ट परिसर के भीतर स्थित फाइलिंग काउंटर तक जाने की अनुमति दे दी। यह प्रतिनिधिमंडल ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका सौंपने और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को उठाने के लिए पहुंचा था।
कांग्रेस नेताओं को सुप्रीम कोर्ट के हाई सिक्योरिटी जोन में प्रवेश की अनुमति नहीं थी और उन्हें पहले परिसर के बाहर ही रोक दिया गया था। अनुमति मिलने के बाद प्रतिनिधिमंडल फाइलिंग काउंटर तक पहुंचा। इसके बाद राहुल गांधी ने कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की।
कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट तक निकाला गया मार्च
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर ‘चलो दिल्ली’ मार्च शुरू किया। यह मार्च दिल्ली के कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट तक निकाला गया, जिसमें INDIA ब्लॉक के नेता भी शामिल हुए।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मार्च का ऐलान करते हुए लिखा था, ‘लोकतंत्र के लिए मार्च, न्याय के लिए मार्च, चलो दिल्ली।’ विपक्षी दलों का कहना है कि वह चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को सामने रखना चाहते हैं।
विपक्ष ने चुनाव आयोग के खिलाफ उठाए सवाल
राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराना और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाना था। अब सभी की नजर कांग्रेस की ओर से दाखिल की गई याचिका और उसमें रखी गई मांगों पर है।
इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
CJI से मुलाकात नहीं होने के बाद भी जारी रहा प्रदर्शन
INDIA ब्लॉक का यह प्रदर्शन उस समय हो रहा है, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने विपक्षी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने से इनकार कर दिया था। हालांकि, इसके बाद भी विपक्षी दलों ने अपना मार्च जारी रखने का फैसला किया।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि वह चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े मुद्दों को उठाना चाहते हैं और इस पर ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।
CJI सूर्यकांत ने कही थी ये बात
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा था कि देश के हर नागरिक को अदालत का दरवाजा खटखटाने का अधिकार है और न्यायालय के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। विपक्षी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के अनुरोध पर उन्होंने बताया कि उन्हें रविवार को इस संबंध में पत्र मिला था।
उन्होंने कहा कि पत्र मिलने के बाद उसी रात जवाब भेज दिया गया था और प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं कर पाने की वजह भी स्पष्ट कर दी गई थी।
