सहारनपुर में नकली सिक्कों की ‘फैक्ट्री’ का खुलासा, सिर्फ 6 रुपये में बनता था ₹20 का सिक्का; बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में नकली 20 रुपये के सिक्कों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच में नकली सिक्के तैयार करने वाले एक संगठित नेटवर्क का पता चला है। सामने आया है कि गिरोह बेहद कम लागत में 20 रुपये के नकली सिक्के तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की तैयारी में था। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बड़ी संख्या में नकली सिक्के बरामद किए हैं।
6 रुपये की लागत में तैयार होता था 20 रुपये का नकली सिक्का
जांच में सामने आया कि गिरोह कथित तौर पर एक 20 रुपये के नकली सिक्के को तैयार करने में करीब 6 रुपये खर्च करता था। इसके बाद इन सिक्कों को असली सिक्कों की तरह बाजार में चलाने की योजना बनाई गई थी।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने नकली सिक्कों को बड़े पैमाने पर तैयार करने के लिए बाकायदा नेटवर्क खड़ा कर रखा था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े थे और नकली सिक्कों को किन-किन इलाकों में खपाया जाना था।
सहारनपुर में बड़े पैमाने पर सिक्के बनाने की तैयारी
जांच में यह भी सामने आया है कि सहारनपुर में नकली सिक्कों के निर्माण के लिए बड़े स्तर पर प्लांट तैयार करने की योजना थी। पुलिस के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े लोग प्रतिदिन हजारों नकली सिक्के तैयार करने की क्षमता विकसित करने की कोशिश में थे।
बताया गया है कि गिरोह रोजाना करीब 10 से 12 हजार नकली सिक्के तैयार करने की योजना बना रहा था। अगर यह योजना पूरी तरह सफल हो जाती तो नकली सिक्कों की बड़ी खेप बाजार में पहुंच सकती थी।
6400 से ज्यादा नकली 20 रुपये के सिक्के बरामद
पुलिस की कार्रवाई में 20 रुपये के करीब 6400 नकली सिक्के बरामद किए गए हैं। बरामद सिक्कों की कुल अंकित कीमत करीब 1.28 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि नकली सिक्कों को तैयार करने के लिए कच्चा माल और मशीनरी कहां से लाई गई थी तथा इन्हें बाजार में पहुंचाने की जिम्मेदारी किसकी थी।
कमीशन के बदले बाजार में खपाए जा रहे थे नकली सिक्के
जांच में नकली सिक्कों को बाजार में चलाने के लिए कमीशन आधारित व्यवस्था का भी खुलासा हुआ है। इससे पहले सहारनपुर में पकड़ी गई नकली सिक्कों की एक खेप के मामले में सामने आया था कि एजेंटों को नकली सिक्कों को बाजार में चलाने के बदले कमीशन दिया जाता था।
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि नकली सिक्कों की सप्लाई किन इलाकों तक पहुंचाई जा रही थी और इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
नकली नोटों के बाद नकली सिक्कों ने बढ़ाई चिंता
नकली नोटों के मामले सामने आने के बाद अब नकली सिक्कों के जरिए आर्थिक धोखाधड़ी का मामला सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी है। 20 रुपये के सिक्के आम लेनदेन में बड़ी संख्या में इस्तेमाल होते हैं, ऐसे में नकली सिक्कों की बड़े पैमाने पर आपूर्ति आम लोगों और कारोबारियों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है।
पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों की कोशिश पूरे नेटवर्क का पता लगाने के साथ-साथ नकली सिक्कों की सप्लाई और उन्हें बाजार में खपाने वाले लोगों तक पहुंचने की है।
