यूपी में बाढ़ का संकट बरकरार, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर; सीतापुर-बहराइच समेत कई जिलों में संपर्क मार्ग टूटे

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में नदियों के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच बाढ़ का संकट अभी टला नहीं है। पूर्वांचल के कई जिलों में गंगा, सरयू, घाघरा और शारदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हालांकि वाराणसी और प्रयागराज में नदियों का पानी धीरे-धीरे घटने से कुछ राहत के संकेत मिले हैं।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में अभी जनजीवन सामान्य नहीं हो सका है। कई गांवों में पानी घुसने से संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं और हजारों परिवार प्रभावित हैं। बारिश और जलभराव के बीच अलग-अलग जिलों में दीवार या कच्चे मकान गिरने तथा नदियों और गड्ढों में डूबने की घटनाओं में नौ लोगों की मौत हुई है।

बलिया में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 57.615 मीटर से 2.05 मीटर ऊपर 59.62 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि यहां गंगा के जलस्तर में लगातार कमी आ रही है। सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 64.010 मीटर से करीब 55 सेंटीमीटर ऊपर है। मऊ के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और नेपाल के बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में इसमें 10 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है।

वाराणसी और प्रयागराज में घट रहा पानी

गाजीपुर में गंगा का जलस्तर घट रहा है। सोमवार शाम यहां नदी का पानी खतरे के निशान से 13.5 सेंटीमीटर नीचे रहा। वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 70 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। प्रयागराज में भी गंगा और यमुना के जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है।

फर्रुखाबाद में 80 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित

फर्रुखाबाद में सोमवार सुबह गंगा का जलस्तर 69.62 मीटर था, जो शाम छह बजे घटकर 69.56 मीटर हो गया। घाटों की सीढ़ियां दिखाई देने लगी हैं, लेकिन मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह प्रभावित है। गंगा आरती अभी भी घाटों की छतों से हो रही है और नौका संचालन पर रोक जारी है।

गंगा की बाढ़ से फर्रुखाबाद के 102 गांवों की करीब 80 हजार आबादी प्रभावित है। 77 गांवों में पानी पहुंचने के कारण 75 परिषदीय विद्यालय बंद कर दिए गए हैं। समैचीपुर चितार में कटान की वजह से पांच मकान और तीन झोपड़ियां गिर गईं।

आजमगढ़ से लेकर बहराइच तक बाढ़ का असर

आजमगढ़ में बाढ़ के दबाव के कारण बेलहिया संपर्क मार्ग टूट गया है। जालौन में करीब 60 गांवों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। लखीमपुर के पलिया में शारदा नदी खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

बनबसा से 1.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद कई संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। सीतापुर में बैराजों से करीब 4.95 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रेउसा, रामपुर मथुरा और बेहटा क्षेत्र के 274 गांवों में संकट बना हुआ है।

बहराइच में घाघरा नदी खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर ऊपर है और 15 गांव प्रभावित हैं। बाराबंकी में 60 गांव तथा गोंडा में 20 गांवों के करीब 200 घरों में पानी घुस गया है।

सीतापुर में दीवार गिरने से महिला की मौत

अयोध्या में सरयू नदी खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं बांदा में नाले में डूबने से एक युवक की मौत हुई है। महोबा में दीवार गिरने से घायल वृद्ध ने दम तोड़ दिया। अयोध्या में पीडब्ल्यूडी कार्यालय की बाउंड्रीवाल गिरने से मोटरसाइकिल मिस्त्री रविंदर गौड़ की भी मौत हो गई।

सीतापुर में दीवार गिरने से एक महिला की जान चली गई। सुलतानपुर में रविवार आधी रात जर्जर खपरैल का कच्चा मकान ढह गया। मलबे में मां और बेटा दब गए, जिसमें महिला की मौत हो गई।

इटावा में शौचालय की जमीन धंसने से करीब 60 फीट गहरा कुआं निकल आया। इसे देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

बरेली मंडल में भी हादसों ने बढ़ाई चिंता

शाहजहांपुर में रेलवे ट्रैक की मरम्मत के दौरान दो वर्ष पहले खोदे गए गड्ढे में डूबने से किशोर विनय और करन की मौत हो गई। बरेली में उफनाते नाले में डूबने से बालक भास्कर और रामगंगा में डूबने से किसान राजवीर की जान चली गई।

आंवला में अरिल नदी में बाइक सवार तीन युवक बह गए। पीलीभीत में नेपाल सीमा से सटे नौहल्हा नकटाह में नेपाली युवती सृष्टि मोबाइल फोन से रील बनाते समय फिसलकर शारदा नदी में बह गई। उसकी तलाश की जा रही है।

बरेली में एक दर्जन से ज्यादा मकान गिर गए हैं। स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने बरेली में आठवीं कक्षा तक के स्कूल बुधवार तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

 

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