स्पेन में लाल सिग्नल के बावजूद आगे बढ़ी ट्रेन! 2026 में दो भीषण रेल हादसों ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल

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स्पेन के आधुनिक हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की सुरक्षा पर एक भीषण रेल हादसे के बाद गंभीर सवाल उठ रहे हैं। टोलेडो प्रांत में दो यात्री ट्रेनों की टक्कर में कम से कम 68 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि दर्जनों यात्री घायल हुए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे से पहले रेल सुरक्षा और संचार प्रणाली में गड़बड़ी हुई थी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लाल सिग्नल के बावजूद ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति कैसे मिली। खास बात यह है कि 2026 में स्पेन में एक और बड़ा रेल हादसा हो चुका है, जिससे देश की रेल सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता बढ़ गई है।

लाल सिग्नल के बावजूद कैसे आगे बढ़ी ट्रेन?

रिपोर्ट के मुताबिक, टोलेडो प्रांत में बुधवार सुबह करीब 8:54 बजे यह दुर्घटना हुई। राज्य संचालित रेलवे कंपनी रेन्फे (RENFE) की ट्रेन आगे पटरी पर खड़ी इर्यो (IRYO) की ट्रेन से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई डिब्बे पटरी से उतर गए और घटनास्थल पर मलबा फैल गया।

रेल अवसंरचना संचालक एडीआईएफ (ADIF) के अनुसार, दोनों ट्रेनें मैड्रिड से सेविले की ओर जा रही थीं। हादसे के समय रेन्फे ट्रेन में 397 और इर्यो ट्रेन में 147 यात्री सवार थे। दुर्घटना में कम से कम 68 लोगों की मौत हुई, जबकि क्षेत्रीय प्रशासन ने 58 घायलों के अस्पतालों में उपचाराधीन होने की जानकारी दी।

संचार प्रणाली में गड़बड़ी की जांच

स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते के मुताबिक, कंप्यूटर संचार प्रणाली में आई खराबी के कारण करीब 63 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई थी। इस दौरान प्रणाली ने ट्रेनों को अपने आप रोक दिया था। मंत्री ने बताया कि बाद में रेन्फे ट्रेन को लाल सिग्नल के बावजूद आगे बढ़ने की अनुमति मिली।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एडीआईएफ ने उस दौरान रेल प्रणाली का नियंत्रण मैन्युअल तरीके से संभाला था। जांचकर्ता अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि ट्रेन को आगे बढ़ने की मंजूरी किस आधार पर दी गई और क्या किसी गलत निर्देश या तकनीकी गड़बड़ी ने दुर्घटना में भूमिका निभाई।

हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक हादसे का अंतिम कारण घोषित नहीं किया है। रेल कर्मचारी संघ सीएसआईएफ ने भी जांच पूरी होने से पहले किसी अधिकारी को दोषी ठहराने से बचने की अपील की है।

स्पेन के इतिहास के बड़े रेल हादसे

स्पेन में हालिया दुर्घटना ने देश के पुराने रेल हादसों की यादें ताजा कर दी हैं। पिछले आठ दशकों में कई गंभीर घटनाएं हुई हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई।

  • 2026, उर्दा, टोलेडो: रेन्फे और इर्यो की ट्रेनों की टक्कर में कम से कम 68 लोगों की मौत होने की खबर है। हादसे के कारणों की जांच जारी है।
  • 2026, एडामुज, कोर्डोबा: इर्यो ट्रेन पटरी से उतरकर रेन्फे ट्रेन से टकराई। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दुर्घटना में 46 लोगों की मौत हुई। पटरी या रेल-जोड़ में खराबी की आशंका जताई गई।
  • 2013, सैंटियागो दे कॉम्पोस्टेला: तेज रफ्तार ट्रेन पटरी से उतर गई थी। हादसे में 80 लोगों की मौत हुई। जांच में तीखे मोड़ पर निर्धारित सीमा से अधिक गति को प्रमुख कारण माना गया।
  • 2004, मैड्रिड: कम्यूटर ट्रेनों में हुए बम विस्फोटों में 193 लोगों की मौत हुई थी। यह आतंकवादी हमला था, रेल दुर्घटना नहीं।
  • 1972, एल क्यूर्वो: काडिज और सेविले के बीच दो ट्रेनों की आमने-सामने टक्कर में 86 लोगों की मौत होने का उल्लेख मिलता है।
  • 1944, टोरे डेल बिएर्सो: तीन ट्रेनों से जुड़ी भीषण दुर्घटना हुई थी। ऐतिहासिक रिकॉर्ड में मृतकों की संख्या को लेकर मतभेद हैं।

यात्रियों ने सुनाई हादसे की आपबीती

दुर्घटना उर्दा और लॉस येबेनेस कस्बों के बीच हुई। घटनास्थल के आसपास जैतून के खेत हैं। पटरी के किनारे क्षतिग्रस्त डिब्बे और बिखरा सामान बचावकर्मियों के लिए चुनौती बने रहे। राहत दलों ने डिब्बों में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की।

रेन्फे ट्रेन में सफर कर रहे यात्री इग्नासियो रेलान्यो ने स्पेन के सरकारी प्रसारक टीवीई को बताया कि ट्रेन पहले अचानक धीमी हुई और इसके बाद जोरदार टक्कर लगी। झटके के कारण डिब्बा एक तरफ झुक गया और यात्रियों का सामान तथा मोबाइल फोन इधर-उधर बिखर गए।

एक ही साल में दो बड़े हादसों से बढ़ी चिंता

स्पेन में जनवरी में दक्षिणी हिस्से के कोर्डोबा प्रांत में हुई एक अन्य रेल दुर्घटना में 46 लोगों की जान गई थी। बार्सिलोना के पास एक अलग हादसे में भी ट्रेन चालक की मौत हुई थी। लगातार सामने आई इन घटनाओं ने रेल सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने घटनास्थल का दौरा किया और तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। उन्होंने एक ही वर्ष में दो बड़े हाई-स्पीड रेल हादसों को बेहद चिंताजनक बताया।

स्पेन ने 1992 में हाई-स्पीड रेल सेवा की शुरुआत की थी। आज देश में करीब 3,900 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रेल नेटवर्क है। अब जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि आधुनिक सुरक्षा तकनीक से लैस इस नेटवर्क में लाल सिग्नल के बावजूद ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति कैसे मिली और क्या इस दुर्घटना को रोका जा सकता था।

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