हर 4 में से 1 LPG सिलेंडर में कम मिली गैस? छापेमारी में खुला चौंकाने वाला मामला, 3 केस दर्ज कर वसूला जुर्माना
बेंगलुरु: कर्नाटक में LPG बॉटलिंग यूनिट्स के औचक निरीक्षण के दौरान कई सिलेंडरों में तय मात्रा से कम गैस पाई गई। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग की ओर से चलाए गए ‘मिशन निखार’ के तहत 18 LPG बॉटलिंग यूनिट्स की जांच की गई। इस दौरान 1,530 भरे हुए सिलेंडरों का वजन किया गया, जिनमें 382 सिलेंडरों में घोषित मात्रा से कम गैस मिली। हालांकि, इन सिलेंडरों में कमी स्वीकार्य त्रुटि सीमा के भीतर थी। नियमों के उल्लंघन के मामलों में तीन केस दर्ज किए गए और 79 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
18 LPG बॉटलिंग यूनिट्स की हुई जांच
उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिजवान अरशद के निर्देश पर ‘मिशन निखार’ अभियान चलाया गया। लीगल मेट्रोलॉजी विभाग के अधिकारियों ने 24 सितंबर 2026 को राज्य की 18 LPG बॉटलिंग यूनिट्स का निरीक्षण किया।
जांच में BPCL, HPCL और IOCL की चार-चार यूनिट्स, टोटल एनर्जीज की दो यूनिट्स और चार निजी बॉटलिंग यूनिट्स शामिल थीं। इनमें से एक यूनिट बंद मिली।
1,530 सिलेंडरों में से 382 में कम गैस
अधिकारियों ने जांच के दौरान कुल 1,530 भरे हुए LPG सिलेंडरों का वजन किया। इनमें 1,148 सिलेंडरों में घोषित मात्रा के बराबर या उससे ज्यादा गैस मिली, जबकि 382 सिलेंडरों में घोषित मात्रा से कम गैस पाई गई।
विभाग के मुताबिक, इन 382 सिलेंडरों में मिली कमी स्वीकार्य त्रुटि सीमा के भीतर थी। वहीं नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लीगल मेट्रोलॉजी विभाग ने तीन मामले दर्ज किए और संबंधित बॉटलिंग यूनिट्स से 79,000 रुपये का जुर्माना वसूला।
मंत्री बोले- सही मात्रा में LPG मिलना उपभोक्ता का अधिकार
निरीक्षण के नतीजों की समीक्षा के बाद मंत्री रिजवान अरशद ने कहा कि उपभोक्ताओं को तय मानकों के अनुसार सही मात्रा में LPG मिलना उनका अधिकार है। उन्होंने कहा कि ‘मिशन निखार’ के जरिए माप-तौल में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
मंत्री ने LPG उपभोक्ताओं से डिलीवरी के समय सिलेंडर का वजन कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी जानी चाहिए।
डिलीवरी के समय सिलेंडर का वजन कराना जरूरी
भारत सरकार की 6 जून 2013 की अधिसूचना G.S.R. 359(E) के तहत लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) नियमों में बदलाव किया गया था। इसके मुताबिक LPG मार्केटिंग कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए डिलीवरी करने वाले व्यक्ति के पास वजन करने का उपकरण उपलब्ध कराना जरूरी है।
उपभोक्ता डिलीवरी लेने से पहले अपने सामने सिलेंडर का वजन करा सकते हैं। मशीन पर दिखने वाला वजन सिलेंडर पर दर्ज वजन के अनुरूप होना चाहिए।
अगर सिलेंडर का वजन कम मिले या डिलीवरी के समय वजन करने की मशीन उपलब्ध न हो तो उपभोक्ता डिलीवरी लेने से इनकार कर सकते हैं और संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
नियमित अंतराल पर होंगे औचक निरीक्षण
विभाग की ओर से बताया गया है कि LPG बॉटलिंग यूनिट्स में ऐसे औचक निरीक्षण नियमित अंतराल पर किए जाएंगे। इसका उद्देश्य माप-तौल से जुड़ी अनियमितताओं को रोकना और उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में LPG उपलब्ध कराना है।
