लखनऊ हत्याकांड: पत्नी से विवाद के बीच कई दिनों से असलहे की तलाश में था मानस, कोर्ट की सुनवाई के बाद बढ़ा तनाव

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लखनऊ: हुसड़िया में पत्नी और बहन की हत्या के बाद खुदकुशी करने वाले बैंककर्मी मानस बाजपेई को लेकर पुलिस की जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि मानस घटना से पहले कई दिनों से असलहा हासिल करने की कोशिश में था। उसके साथ रहने वाले कुछ लोगों की बातचीत से पुलिस को यह जानकारी मिली है। मानस ने कथित तौर पर असलहा खरीदने के लिए कई लोगों से संपर्क किया था। हालांकि हथियार उसे किसने और किस तरह उपलब्ध कराया, इसकी जांच अभी जारी है।

पुलिस उपायुक्त पूर्वी डा. दीक्षा शर्मा के मुताबिक, मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि 18 अगस्त को अदालत में हुई सुनवाई के बाद मानस का गुस्सा और मानसिक तनाव और बढ़ गया था। वह अपने परिचितों के सामने पत्नी दिव्या की ओर से मांगे जा रहे एक करोड़ रुपये के भरण-पोषण का जिक्र भी करता था।

तीन महीने बाद लौटा था मानस, कोर्ट की तारीख का पता चला

मानस के एक साथी ने पुलिस को बताया कि वह करीब तीन महीने से लेखा-परीक्षण के सिलसिले में शहर से बाहर था। वापस लौटने पर उसे अदालत की तारीख के बारे में जानकारी हुई। साथी के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले से मानस काफी तनाव में था। उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि मानस इतना बड़ा कदम उठा सकता है।

2017 में हुआ था प्रेम विवाह

वर्ष 2016 में पिता राबिन बाजपेई की मौत के बाद मानस के ऊपर अपनी मां और बहन की जिम्मेदारी आ गई थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात दिव्या से हुई और वर्ष 2017 में दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया और दिव्या घर छोड़कर चली गई।

वर्ष 2018 में मानस की मां को कैंसर होने के बाद दिव्या दोबारा उसके साथ रहने लगी। बहन को साथ रखने को लेकर भी दोनों के बीच विवाद होता था। वर्ष 2019 में मानस की मां की मौत के बाद दिव्या फिर अलग हो गई। हालांकि बाद में बातचीत के जरिए दोनों दोबारा साथ रहने लगे।

2025 में फिर बढ़ा विवाद, फैमिली कोर्ट पहुंचा मामला

वर्ष 2025 में पति-पत्नी के बीच एक बार फिर विवाद बढ़ गया। नवंबर में दिव्या घर छोड़कर चली गई। इसके बाद जनवरी में उसने फैमिली कोर्ट में स्त्रीधन की वापसी, भरण-पोषण और तलाक से जुड़े तीन मुकदमे दाखिल किए।

मार्च में मानस ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार दिव्या के साथ रहने की अर्जी दी थी, लेकिन दिव्या इसके लिए तैयार नहीं हुई। इसके बाद दोनों के बीच कानूनी विवाद जारी रहा। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम को हत्या और खुदकुशी से पहले मानस की मानसिक स्थिति से जोड़कर भी जांच रही है।

एक बेड पर मिले भाई-बहन के शव

घटना की जानकारी मिलने के बाद घर पहुंचे लोगों ने कमरे में बेड पर मानस और उसकी बहन के शव अगल-बगल पड़े देखे। पुलिस को मानस के पास से दो पिस्टल और एक तमंचा मिला था। जांच में यह बात भी सामने आई कि बहन की हत्या के पीछे मानस की सोच यह थी कि उसके बाद उसकी देखभाल कौन करेगा।

हुसड़िया चौराहे पर पत्नी की हत्या के बाद मौके पर भीड़ जुट गई थी, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस अब असलहे की व्यवस्था, घटना से पहले मानस की गतिविधियों और अदालत में हुई सुनवाई के बाद उसके व्यवहार में आए बदलाव समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

 

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