नेपाल सरकार का नया डिजिटल नियम: बॉर्डर क्रॉस करना हुआ आसान, भारतीय यात्रियों को भी मिलेगा बड़ा फायदा, खत्म होंगी लंबी कतारें

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नई दिल्ली। भारत से नेपाल जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नेपाल सरकार ने सीमा पार करने की प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए एक नया डिजिटल सिस्टम लागू किया है, जिससे अब भारतीय नागरिकों को बॉर्डर पर घंटों लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा।

बॉर्डर पर लंबी कतारों से मिलेगा छुटकारा

नेपाल सरकार के नए प्रावधान के तहत अब भारत से नेपाल जाने वाले वाहन मालिकों को बॉर्डर पर एंट्री पास के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। सड़क मार्ग से नेपाल जाने वाले यात्री अब पहले से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इससे सीमा पार करने की प्रक्रिया तेज और सरल हो जाएगी।

डिजिटल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की शुरुआत

नेपाल के वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने बुधवार, 6 मई को इस नई ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सेवा की शुरुआत की। इस व्यवस्था का उद्देश्य नेपाल आने वाले पर्यटकों और यात्रियों की यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना है। अब वाहन से नेपाल जाने वाले लोगों को पहले से सभी जरूरी जानकारी ऑनलाइन भरनी होगी।

वाहन पास रिन्यू कराना भी हुआ आसान

नई व्यवस्था के तहत यदि किसी वाहन का नेपाल में अस्थायी प्रवेश पास (TIV) की अवधि समाप्त हो जाती है, तो अब कस्टम ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। यात्री ऑनलाइन माध्यम से ही अपने वाहन का पास रिन्यू कर सकेंगे। कस्टम विभाग के महानिदेशक श्याम प्रसाद भंडारी के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है।

ऐसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को नेपाल कस्टम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://nnsw.gov.np/tiv/gen पर जाना होगा। इसके बाद ‘हमारी सेवाएं’ सेक्शन में जाकर TIV (Temporary Vehicle Import) का विकल्प चुनना होगा और सभी आवश्यक जानकारी भरनी होगी। रजिस्ट्रेशन पूरा होने पर एक क्यूआर कोड मिलेगा, जिसके जरिए शुल्क का भुगतान किया जा सकेगा।

भारत से नेपाल प्रवेश करते समय यही क्यूआर कोड दिखाकर यात्री बिना किसी लंबी कतार के सीमा पार कर सकेंगे।

यात्रा होगी तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक

नेपाल सरकार का यह कदम सीमा प्रबंधन को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी।

 

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