यूपी के 8 जिलों में बनेंगे नए गो संरक्षण केंद्र, योगी सरकार ने 9.61 करोड़ रुपये किए मंजूर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निराश्रित और बेसहारा गोवंशों के संरक्षण को लेकर योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 8 जिलों में 12 गो संरक्षण केंद्रों के निर्माण के लिए सरकार ने 9.61 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इस योजना के तहत प्रत्येक गो संरक्षण केंद्र पर करीब 80.12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इन गो संरक्षण केंद्रों की स्थापना मऊ, सीतापुर, हापुड़, शाहजहांपुर, गोंडा, अयोध्या, लखीमपुर खीरी और जालौन जिलों में की जाएगी। इसके लिए पशुधन विभाग की ओर से शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
इन स्थानों पर बनेंगे गो संरक्षण केंद्र
मऊ जिले के ताजोपुर, सीतापुर के सराय और गौरा, हापुड़ के पारपा, हिंडालपुर और हिम्मतपुर, शाहजहांपुर के केवलरामपुर और अख्तियार नगर, गोंडा के महादेवा, अयोध्या के अंजरौली, लखीमपुर खीरी के सेमैसा और जालौन जिले के बंधा में गो संरक्षण केंद्र बनाए जाएंगे।
निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर
शासन ने निदेशक (प्रशासन एवं विकास), पशुपालन विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। सरकार का मानना है कि इन गो संरक्षण केंद्रों के बनने से बेसहारा गोवंशों को सुरक्षित आश्रय मिलेगा और किसानों को फसलों को होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी।
परियोजनाओं की सतत निगरानी के निर्देश
इस बीच उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (यूपीआरडीए) के अधिकारियों को सभी परियोजनाओं की उच्च स्तरीय और लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘संपर्क से समृद्धि’ के संकल्प को पूरा करने के लिए यह बेहद जरूरी है। उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीईओ को नियमित फील्ड विजिट और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं।
