भारत-जर्मनी की दोस्ती की नई तस्वीर: PM मोदी और चांसलर की कार डिप्लोमेसी चर्चा में; गुजरात से हुई दौरे की शुरुआत
गांधीनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर के बीच की केमिस्ट्री ने कूटनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। दोनों नेताओं की एक खास तस्वीर सामने आई है, जिसे ‘कार डिप्लोमेसी’ का नाम दिया जा रहा है। यह तस्वीर न केवल भारत और जर्मनी के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाती है, बल्कि पीएम मोदी और चांसलर मर्ज के बीच व्यक्तिगत रिश्तों की गर्मजोशी को भी बयां करती है। इस अनौपचारिक माहौल ने दोनों देशों के रिश्तों को एक नया आयाम दिया है।
संस्कृति से सरोकार और गांधी को नमन
जर्मन चांसलर के रूप में अपने पहले भारत दौरे पर आए मर्ज का स्वागत प्रधानमंत्री मोदी के गृह राज्य गुजरात में किया गया। आधिकारिक मुलाकातों से पहले पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर को भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत और अलग-अलग पहलुओं से रूबरू कराया। अपनी यात्रा की शुरुआत करते हुए चांसलर मर्ज साबरमती आश्रम पहुंचे। वहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन किया और बापू के विचारों को मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में अत्यंत प्रासंगिक और जरूरी करार दिया।
उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ मंथन
सांस्कृतिक आदान-प्रदान के बाद एजेंडे में व्यापार और अर्थव्यवस्था का मुद्दा प्रमुख रहा। पीएम मोदी और जर्मन चांसलर ने दोनों देशों के औद्योगिक दिग्गजों और शीर्ष कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ एक अहम बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत में जर्मन कंपनियों का बढ़ता भरोसा
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में जर्मन निवेश के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि वर्तमान समय में जर्मनी की लगभग दो हजार कंपनियां भारत में सक्रिय रूप से कारोबार कर रही हैं, जो भारत के आर्थिक माहौल पर उनके भरोसे को दर्शाता है। दोनों नेताओं ने भविष्य में तकनीक और निर्माण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।
