अब भारत में बनेगी जापान की मशहूर माचा चाय! वजन घटाने से लेकर फोकस बढ़ाने तक, जानिए क्यों बढ़ रही है इसकी मांग

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गुवाहाटी: जापान की लोकप्रिय माचा चाय अब भारत में भी तैयार की जा रही है। असम ने देश का पहला ऐसा राज्य बनकर इतिहास रच दिया है, जहां व्यावसायिक स्तर पर माचा चाय का उत्पादन शुरू हो गया है। इसकी पहली नीलामी भी हो चुकी है, जिसने चाय उद्योग और स्वास्थ्य प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

असम में उत्पादित माचा चाय की पहली नीलामी गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र में आयोजित की गई, जहां करीब 5 किलोग्राम माचा चाय की बिक्री 3,000 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से हुई। इस उपलब्धि को राज्य के चाय उद्योग के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

भारत में पहली बार व्यावसायिक उत्पादन

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जानकारी दी कि तिनसुकिया जिले के छोटा टिंगराई चाय बागान में माचा चाय का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है। इसके साथ ही असम भारत का पहला राज्य बन गया है, जहां इस विशेष जापानी चाय का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इसे असम के विश्व प्रसिद्ध चाय उद्योग के विस्तार और विविधीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अब लोगों की पसंदीदा माचा चाय भारत में ही तैयार होगी।

क्या होती है माचा चाय?

माचा एक विशेष प्रकार की जापानी ग्रीन टी है, जो सामान्य ग्रीन टी से अलग होती है। यह कैमेलिया साइनेंसिस पौधे की पत्तियों से बनाई जाती है, लेकिन इसकी खेती और प्रसंस्करण का तरीका इसे खास बनाता है।

कटाई से कुछ सप्ताह पहले चाय के पौधों को छाया में रखा जाता है। इसके बाद पत्तियों को सावधानीपूर्वक सुखाया जाता है, डंठल अलग किए जाते हैं और फिर पत्थर की चक्की में पीसकर बेहद महीन पाउडर तैयार किया जाता है। यही पाउडर माचा कहलाता है।

ग्रीन टी और माचा में क्या है अंतर?

सामान्य ग्रीन टी में पत्तियों को गर्म पानी में डालकर उसका अर्क पिया जाता है, जबकि माचा में पूरी पत्ती का पाउडर पानी में मिलाकर सेवन किया जाता है। यही कारण है कि इसमें मौजूद पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट अधिक मात्रा में शरीर तक पहुंचते हैं।

माचा चाय के प्रमुख फायदे

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार माचा चाय में एंटीऑक्सीडेंट तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं।

इसके सेवन से लंबे समय तक ऊर्जा और एकाग्रता बनाए रखने में सहायता मिल सकती है। साथ ही यह मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करने में मददगार मानी जाती है, जिसके कारण वजन प्रबंधन में भी इसका उपयोग बढ़ रहा है।

हालांकि किसी भी स्वास्थ्य लाभ के लिए संतुलित आहार और नियमित जीवनशैली को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।

बढ़ रही है माचा की लोकप्रियता

पिछले कुछ वर्षों में माचा चाय की मांग दुनिया भर में तेजी से बढ़ी है। फिटनेस, वेलनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोगों के बीच यह खासा लोकप्रिय पेय बन चुका है। अब भारत में इसके उत्पादन की शुरुआत से घरेलू बाजार को भी नया विकल्प मिलने की उम्मीद है।

 

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