सपा और शिक्षा कभी नहीं मिल सकते, नदी के दो छोर हैं दोनों: सीएम योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला
गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा और शिक्षा नदी के दो छोर हैं, जो कभी एक नहीं हो सकते। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि जो शिक्षा का विरोधी होगा, वह शिक्षक हितैषी नहीं हो सकता।
गोरखपुर के महंत दिग्विजयनाथ पार्क में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड से बीजेपी प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में आयोजित शिक्षक मतदाता संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि एक तरफ बीजेपी है, जिसके एजेंडे में शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण संस्थान और विद्यार्थी हैं, जबकि दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी है।
सपा सरकार में शिक्षा व्यवस्था चौपट होने का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह खराब हो गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय नकल प्रदेश की पहचान बन गई थी और शिक्षकों को अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक तक लेकर विद्यालय जाना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार में शिक्षा व्यवस्था को बिगाड़ने वाले और अराजकता फैलाने वाले लोगों को संरक्षण मिलता था। योगी ने आरोप लगाया कि दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर सम्मानित किया जाता था।
बीजेपी सरकार में शिक्षा क्षेत्र में बदलाव का दावा
सीएम योगी ने कहा कि साल 2017 से पहले प्रदेश में पहचान का संकट था। विद्यालयों के भवन जर्जर थे, युवाओं के सामने भविष्य को लेकर संकट था और नकल प्रदेश की पहचान बन गई थी।
उन्होंने दावा किया कि अब स्थिति बदल चुकी है। शिक्षण संस्थानों में बेहतर भवन, स्मार्ट कक्षाएं, कंप्यूटर प्रयोगशालाएं और डिजिटल पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी है। इसके साथ ही बिना वेतन कटौती के सुरक्षा बीमा का लाभ भी उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना की स्थिति में सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों के परिवार को 80 लाख रुपये से 1.20 करोड़ रुपये तक की सहायता देने की व्यवस्था की गई है। वहीं, शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये और अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किया गया है।
पुरानी पेंशन योजना को लेकर मुलायम सरकार पर निशाना
सीएम योगी ने मुलायम सिंह यादव सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि साल 2005 में नई पेंशन योजना लागू की गई थी, लेकिन कर्मचारियों के खाते तक नहीं खोले गए थे।
उन्होंने कहा कि साल 2017 में बीजेपी सरकार बनने के बाद कमेटी बनाई गई और साल 2019 में 10 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए। इसके बाद 14 लाख कर्मचारियों के खाते खोलकर धनराशि भेजी गई।
सपा के पीडीए नारे पर भी किया कटाक्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा के पीडीए नारे पर भी निशाना साधा। उन्होंने इसे परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी और पराया धन अपना बताया। उन्होंने कहा कि सपा के पास पूरे समाज के लिए कोई स्थान नहीं है।
योगी ने सपा के राजनीतिक रुख की तुलना गिरगिट से करते हुए कहा कि रंग बदलने में अब गिरगिट को भी सपा से मुकाबला मिल गया है।
उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि शिक्षक एमएलसी चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भारी मतों से जिताएं। उन्होंने कहा कि 23 अक्टूबर को मतदान के दिन शिक्षकों को अवकाश दिया गया है, ताकि वे मतदान कर सकें।
