यूपी में शिक्षक भर्ती के नियम बदले, B.Ed और TET को लेकर नई गाइडलाइन जारी; प्रिंसिपल पद के लिए 4 साल का अनुभव जरूरी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने माध्यमिक विद्यालयों और उनसे जुड़े प्राइमरी सेक्शन में शिक्षक भर्ती के नियमों में बदलाव किया है। उत्तर प्रदेश राजपत्र में जारी अधिसूचना के मुताबिक इंटरमीडिएट कॉलेजों में प्रधानाचार्य और प्राइमरी सेक्शन में असिस्टेंट टीचर के पदों के लिए पात्रता मानदंड में संशोधन किया गया है। ये बदलाव यूपी इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के तहत किए गए हैं।
प्रधानाचार्य पद के लिए नई योग्यता
नए नियमों के मुताबिक इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य पद के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर की डिग्री होना जरूरी है। इसके साथ ही राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी NCTE से मान्यता प्राप्त B.Ed या समकक्ष शिक्षक प्रशिक्षण की डिग्री भी अनिवार्य होगी।
शैक्षणिक योग्यता के अलावा उम्मीदवार के पास निर्धारित शिक्षण अनुभव भी होना चाहिए। कक्षा 9 से 12 तक लेक्चरर या असिस्टेंट टीचर के तौर पर कम से कम 4 साल का अनुभव जरूरी है। इसके अलावा जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाचार्य के पद पर 4 साल का अनुभव रखने वाले उम्मीदवार भी पात्र होंगे।
प्रधानाचार्य पद के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 30 वर्ष निर्धारित की गई है। नियमों में अनुभव से जुड़े कुछ वैकल्पिक प्रावधान भी रखे गए हैं, ताकि योग्य शिक्षकों को अवसर मिल सके।
प्राइमरी सेक्शन के असिस्टेंट टीचर के नियम बदले
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कॉलेजों से जुड़े प्राइमरी सेक्शन में असिस्टेंट टीचर के पदों के लिए भी पात्रता में बदलाव किया गया है। अब इन पदों के लिए उम्मीदवार का स्नातक होना जरूरी है। इसके साथ BTC, D.El.Ed या उसके समकक्ष शिक्षक प्रशिक्षण डिप्लोमा होना चाहिए।
इसके अलावा कक्षा 1 से 5 तक के लिए आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। वैध TET स्कोरकार्ड नहीं रखने वाले उम्मीदवार इन पदों के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे।
सीधी चयन प्रक्रिया से होगी भर्ती
नए नियमों के तहत माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य और प्राइमरी सेक्शन में असिस्टेंट टीचर के पदों पर भर्ती सीधी चयन प्रक्रिया के जरिए की जाएगी। सरकार की ओर से जारी नियमों में भर्ती प्रक्रिया को तेज करने और निर्धारित योग्यता व मानकों को पूरा करने वाले उम्मीदवारों के चयन पर जोर दिया गया है।
