राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला, अब वेबसाइट पर सार्वजनिक होगा आय-व्यय का पूरा हिसाब; दान का पूरा रिकॉर्ड भी होगा उपलब्ध
अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवादों और हाल के आरोपों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ट्रस्ट ने निर्णय लिया है कि अब मंदिर की आय, व्यय और दान से जुड़ी विस्तृत जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाएगी। इसका उद्देश्य भविष्य में किसी भी तरह के विवाद और आरोपों से बचना तथा पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।
ट्रस्ट के फैसले के अनुसार दान पात्रों और दान काउंटरों से प्राप्त राशि, विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत निर्धारित खाते में स्थानांतरित धनराशि तथा विभिन्न बैंकों से मिलने वाले ब्याज का पूरा विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक माह आय का अद्यतन ब्योरा भी सार्वजनिक किया जाएगा।
रामलला को मिलने वाले बहुमूल्य दान का भी होगा रिकॉर्ड
पहली बार ट्रस्ट रामलला को दान में मिलने वाली बहुमूल्य वस्तुओं का पूरा लेखा-जोखा भी वेबसाइट पर प्रदर्शित करेगा। इसके अलावा राजस्व व्यय और पूंजीगत व्यय से संबंधित जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी, ताकि श्रद्धालु और आम लोग ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें।
अब तक ट्रस्ट की कार्यकारिणी की बैठक में प्रत्येक चार महीने पर चालू और पिछले वित्तीय वर्ष के आय-व्यय का तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत किया जाता था। इसकी प्रतियां ट्रस्ट के सदस्यों को उपलब्ध कराई जाती थीं, लेकिन बहुमूल्य वस्तुओं का अलग से लिखित रिकॉर्ड साझा नहीं किया जाता था। अब इस व्यवस्था में भी बदलाव किया जा रहा है।
सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध होगी जानकारी
ट्रस्ट के अनुसार अब सभी ट्रस्टियों को विस्तृत जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही आम लोगों के लिए भी यह जानकारी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध होगी। ट्रस्ट का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और दान तथा वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठने वाले सवालों पर स्पष्टता बनी रहेगी।
सूत्रों के मुताबिक, हालिया घटनाक्रम के दौरान कुछ दानदाताओं द्वारा लगाए गए आरोपों और मीडिया में उठे विवादों से ट्रस्ट की छवि प्रभावित हुई। ऐसे में संवाद और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से यह नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की गई है।
सीईओ की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 18 जुलाई शाम 4 बजे तक ई-मेल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि चयनित सीईओ ट्रस्ट के महासचिव के प्रति जवाबदेह होगा।
सीईओ पद के लिए तय की गई योग्यता
ट्रस्ट ने सीईओ पद के लिए आवश्यक योग्यता और प्राथमिकताएं भी निर्धारित कर दी हैं। आवेदक का हिंदू, वैष्णव और भगवान श्रीराम का भक्त होना अनिवार्य होगा। मंदिर प्रबंधन का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
इस पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक रखी गई है। 50 से 70 वर्ष आयु वर्ग के अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। नियुक्ति प्रारंभिक रूप से तीन वर्ष के लिए होगी और कार्य संतोषजनक पाए जाने पर सेवा अवधि बढ़ाई जा सकती है।
20 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव अनिवार्य
आवेदक के पास किसी बड़े संस्थान, संगठन, विभाग या कंपनी में कम से कम 20 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव होना चाहिए। अनुभव सामान्य प्रशासन, वित्त, लेखा, कार्मिक, जनसंपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी, सुरक्षा या विधि जैसे क्षेत्रों में होना आवश्यक है। किसी हिंदू धार्मिक संस्था के प्रबंधन का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को वरीयता मिलेगी। साथ ही हिंदी और अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान भी अनिवार्य रखा गया है। वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाएं आपसी सहमति से निर्धारित की जाएंगी।
