UP MLC Election: चुनाव आयोग पहुंची सपा, सीएम योगी पर आचार संहिता तोड़ने का आरोप; दोनों डिप्टी सीएम को नजरबंद करने की मांग

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर हो रहे एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग से शिकायत की है। पार्टी ने मुख्यमंत्री के दौरों और कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराने तथा फुटेज की जांच के बाद उचित कार्रवाई की मांग की है। सपा ने दोनों उप मुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को भी प्रचार से रोकने और उनके आवास पर नजरबंद करने की मांग उठाई है।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों पर सपा ने उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रमों से विधान परिषद चुनाव प्रभावित हो रहे हैं। पार्टी का कहना है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद ऐसे कार्यक्रम और घोषणाएं नहीं की जानी चाहिए, जिनसे शिक्षक और स्नातक मतदाताओं पर असर पड़े।

यूपी में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 एमएलसी सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। सपा ने आयोग से मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों की जांच कराकर आचार संहिता के उल्लंघन की स्थिति में नोटिस जारी करने की मांग की है।

शिक्षकों से संवाद और मानदेय बढ़ाने की घोषणा पर आपत्ति

सपा ने अपनी शिकायत में मुख्यमंत्री के हालिया कार्यक्रमों का उल्लेख किया है। पार्टी के मुताबिक, 12 अक्टूबर को गोरखपुर में मुख्यमंत्री ने करीब 12 हजार शिक्षकों से संवाद किया। इसके अगले दिन 13 अक्टूबर को 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाने और चौकीदारों की भर्ती की घोषणा की गई।

सपा ने इन कार्यक्रमों को मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश बताया है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव की घोषणा के बाद लखनऊ में प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं और अध्यापकों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। सपा का कहना है कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक, आचार संहिता लागू होने के बाद शिक्षक और स्नातक मतदाताओं को प्रभावित करने वाले कार्यक्रमों तथा घोषणाओं से बचना चाहिए।

दोनों उप मुख्यमंत्रियों को नजरबंद करने की मांग

समाजवादी पार्टी ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक पर भी चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि दोनों उप मुख्यमंत्री इलाहाबाद-झांसी और लखनऊ समेत संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सक्रिय हैं और जिलाधिकारियों तथा दूसरे अधिकारियों पर भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में काम करने का दबाव बना रहे हैं।

सपा ने मांग की है कि दोनों उप मुख्यमंत्रियों को उनके आवास पर नजरबंद किया जाए और चुनाव प्रचार से रोका जाए। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सर्किट हाउस और डाक बंगलों में अधिकारियों को बुलाकर भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में अनुचित दबाव बनाया जा रहा है।

मतदान केंद्रों और कर्मचारियों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग

सपा ने मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सूची चस्पा करने की मांग भी की है। पार्टी का कहना है कि इससे केवल वैध मतदाता ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।

इसके अलावा, पार्टी ने एफएलसी कार्य में लगे इंजीनियरों और कर्मचारियों के नाम तथा मोबाइल नंबर की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में विधानसभा चुनाव के लिए ईवीएम और वीवीपैट की एफएलसी का काम चल रहा है।

एमएलसी चुनाव से पहले सपा की इस शिकायत के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा सकता है। हालांकि, मुख्यमंत्री और दोनों उप मुख्यमंत्रियों के खिलाफ लगाए गए आरोप सपा की शिकायत का हिस्सा हैं; इन आरोपों पर निर्वाचन आयोग की कार्रवाई या कोई निष्कर्ष सामने आने की जानकारी इस रिपोर्ट में नहीं दी गई है।

 

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