IAS, IPS, IFS या IRS में किसकी सैलरी सबसे ज्यादा? शुरुआत में बराबर वेतन, लेकिन प्रमोशन के बाद बदल जाता है पूरा हिसाब
नई दिल्ली: UPSC की परीक्षा पास कर IAS, IPS, IFS या IRS बनने का सपना हर साल लाखों युवा देखते हैं। इन सेवाओं को लेकर अक्सर सवाल होता है कि शुरुआत में किस अफसर को सबसे ज्यादा सैलरी मिलती है और करियर के आगे बढ़ने पर किस सेवा में सबसे ज्यादा वेतन और अधिकार मिलते हैं। इन चारों सेवाओं में शुरुआती बेसिक सैलरी समान होती है, लेकिन पद, जिम्मेदारियों और विदेश में मिलने वाले भत्तों के कारण आगे चलकर अंतर दिखाई देने लगता है।
शुरुआत में चारों सेवाओं की बेसिक सैलरी समान
IAS, IPS, IFS और IRS के नए अधिकारियों की शुरुआत 7वें वेतन आयोग के पे लेवल-10 से होती है। इन सभी का शुरुआती बेसिक वेतन 56,100 रुपये प्रति माह होता है।
इसके अलावा अधिकारियों को महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और यात्रा भत्ता भी मिलता है। इन भत्तों को जोड़ने के बाद शुरुआती दौर में कुल मासिक सैलरी करीब 85 हजार से 1 लाख रुपये के बीच बताई जाती है।
प्रमोशन के साथ बदलने लगता है वेतन
सेवा में अनुभव और प्रमोशन के साथ IAS, IPS, IFS और IRS अधिकारियों के पद और जिम्मेदारियां अलग-अलग स्तर पर बढ़ती हैं। इसी के साथ उनके वेतन और मिलने वाली सुविधाओं में भी अंतर आने लगता है।
IAS अधिकारी देश के सर्वोच्च प्रशासनिक पद कैबिनेट सचिव तक पहुंच सकते हैं। इस पद पर बेसिक सैलरी 2.50 लाख रुपये प्रति माह तक होती है। इसी वजह से अधिकतम बेसिक सैलरी के मामले में IAS सबसे ऊपर रहता है।
IPS अधिकारी पुलिस विभाग में DGP जैसे शीर्ष पद तक पहुंच सकते हैं। IRS अधिकारी भी अपने विभाग के सर्वोच्च पदों तक पहुंचते हैं और उनकी अधिकतम बेसिक सैलरी 2.25 लाख रुपये प्रति माह तक जाती है।
विदेश में तैनाती पर IFS को मिलते हैं अतिरिक्त भत्ते
भारतीय विदेश सेवा यानी IFS के अधिकारियों की स्थिति कुछ अलग होती है। जब उन्हें विदेश में भारतीय दूतावासों या अन्य मिशनों में तैनात किया जाता है, तो उन्हें स्पेशल फॉरेन अलाउंस यानी विदेश भत्ता मिलता है।
इस अतिरिक्त भत्ते के कारण विदेश में तैनाती के दौरान IFS अधिकारियों की कुल कमाई और सुविधाएं अन्य सेवाओं के अधिकारियों की तुलना में काफी ज्यादा हो सकती हैं।
किस सेवा में किस तरह की पावर?
IAS अधिकारी प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिले में जिलाधिकारी यानी DM के तौर पर उन्हें जिले का प्रशासन संभालने, बजट और सरकारी योजनाओं को लागू कराने जैसी जिम्मेदारियां मिलती हैं।
IPS अधिकारियों की जिम्मेदारी पुलिस और कानून-व्यवस्था से जुड़ी होती है। जिले में SP या SSP के पद पर रहते हुए वे सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल का संचालन करते हैं।
IFS अधिकारी विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं और दूसरे देशों के साथ भारत के संबंधों से जुड़े काम संभालते हैं।
IRS अधिकारियों की जिम्मेदारी कर व्यवस्था से जुड़ी होती है। वे आयकर और जीएसटी से संबंधित काम देखते हैं और टैक्स चोरी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस तरह चारों सेवाओं की जिम्मेदारियां अलग-अलग हैं। IAS में सर्वोच्च प्रशासनिक पद तक पहुंचने पर सबसे अधिक बेसिक सैलरी मिलती है, IFS में विदेश तैनाती के दौरान अतिरिक्त भत्ते महत्वपूर्ण होते हैं, IPS कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन संभालता है, जबकि IRS देश की कर व्यवस्था से जुड़े अहम काम करता है।
