योगी का बड़ा एक्शन प्लान! सड़क काटने वालों से होगी वसूली, काम लटकाने वाली फर्मों पर ब्लैकलिस्ट और FIR के निर्देश
कानपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास कार्यों में लापरवाही और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कानपुर में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नई बनी सड़कों को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं से नियमानुसार क्षतिपूर्ति वसूली जाए। साथ ही टेंडर मिलने के बावजूद काम शुरू न करने वाली फर्मों के खिलाफ ब्लैकलिस्ट करने और जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने एचबीटीयू परिसर स्थित संयुक्त आयुक्त कार्यालय के उद्योग सभागार में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को प्राथमिकता देने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों की बेहतर जानकारी होती है। इसलिए उनके सुझावों और प्रस्तावों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर शासन को भेजा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 15 जुलाई तक सभी आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर भेजे जाएं, ताकि उन्हें स्वीकृति देकर विकास कार्यों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
11,724 करोड़ रुपये की 1,374 परियोजनाओं का प्रस्तुतिकरण
बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने मुख्यमंत्री के समक्ष कानपुर मंडल के छह जिलों से जुड़े विकास प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण किया। कुल 11,724 करोड़ रुपये लागत की 1,374 परियोजनाओं का ब्यौरा मुख्यमंत्री के सामने रखा गया।
प्रमुख अभियंता एके द्विवेदी के अनुसार, कानपुर नगर से 5,523 करोड़ रुपये की 344 परियोजनाएं, कन्नौज से 2,058 करोड़ रुपये की 217 परियोजनाएं, फर्रुखाबाद से 2,016 करोड़ रुपये की 339 परियोजनाएं, कानपुर देहात से 1,581 करोड़ रुपये की 387 परियोजनाएं, औरैया से 439 करोड़ रुपये की 33 परियोजनाएं तथा इटावा से 104 करोड़ रुपये की 54 परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।
सड़क, पुल और संपर्क मार्गों पर रहेगा विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्ग, दीर्घ एवं लघु सेतु, रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास, धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग, फ्लाईओवर और सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों पर तेजी से कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत कर गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरा कराया जाए।
काम शुरू न करने वाली कंपनियों पर सख्ती
योगी आदित्यनाथ ने पिछले वित्तीय वर्ष की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन कार्यों में निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है, वहां जिम्मेदार फर्मों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आवश्यकता पड़ने पर ऐसी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।
पिछले साल 2,301 परियोजनाओं को मिली थी मंजूरी
बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले वित्तीय वर्ष में कानपुर मंडल में 5,497 करोड़ रुपये की लागत वाली 2,301 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई थी। इनमें से 1,242 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि बाकी परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।
समीक्षा बैठक में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, विभिन्न जिलों के विधायक, जनप्रतिनिधि और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
