मोदी सरकार का बड़ा प्लान! IIFCL समेत इन 3 सरकारी कंपनियों की शेयर बाजार में होगी एंट्री

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नई दिल्ली: मोदी सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में तीन सरकारी कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट करने की तैयारी कर रही है। इस सूची में इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (IIFCL), कोल इंडिया की सहायक कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) शामिल हैं। इसके साथ ही सरकार दूसरा पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) भी लाने की योजना बना रही है। इन कदमों से निवेशकों को सरकारी कंपनियों में निवेश के नए अवसर मिल सकते हैं।

निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणिश चावला के मुताबिक, सरकार तीनों कंपनियों की लिस्टिंग की दिशा में काम कर रही है। महानदी कोलफील्ड्स का ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) पहले ही दाखिल किया जा चुका है, जबकि IIFCL और SECL की लिस्टिंग की तैयारियां जारी हैं।

1. IIFCL: बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को देती है वित्तीय मदद

इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड पूरी तरह भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी है। इसकी स्थापना 2006 में हुई थी। यह सड़क, बिजली और दूसरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए लंबी अवधि का वित्त उपलब्ध कराती है।

मार्च 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति 98,481 करोड़ रुपये और नेटवर्थ 17,898 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2025-26 में इसने 1,379 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। प्रस्तावित आईपीओ में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचने के साथ नए शेयर जारी करने का विकल्प भी अपना सकती है। हालांकि, आईपीओ का आकार और शेयरों की कीमत अभी तय नहीं हुई है।

2. महानदी कोलफील्ड्स: कोल इंडिया की सबसे बड़ी उत्पादक सहायक कंपनी

महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड का मुख्यालय ओडिशा में है और यह सरकारी कंपनी कोल इंडिया की सहायक इकाई है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 21.83 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया। इस प्रदर्शन के साथ यह कोल इंडिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक सहायक कंपनी रही।

इस अवधि में कंपनी का राजस्व करीब 30,550 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा लगभग 10,698 करोड़ रुपये रहा। प्रस्तावित आईपीओ के तहत कोल इंडिया अपनी 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। इसके लिए करीब 66.18 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे जाने का प्रस्ताव है। इस बिक्री से मिलने वाली रकम महानदी कोलफील्ड्स को नहीं, बल्कि उसकी मूल कंपनी कोल इंडिया को मिलेगी।

3. SECL: छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में फैला कारोबार

साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड भी कोल इंडिया की सहायक कंपनी है। इसका कारोबार मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में फैला हुआ है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 17.63 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया और करीब 4,755 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया।

गेवरा, कुसमुंडा और दीपका इसकी प्रमुख खदानों में शामिल हैं। कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और सलाहकारों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है। आईपीओ के बाद निवेशक कोल इंडिया की इस सहायक कंपनी के शेयरों में सीधे निवेश कर सकेंगे।

क्यों तीन सरकारी कंपनियों को शेयर बाजार में उतार रही सरकार?

सरकार का लक्ष्य सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी बिक्री और नई लिस्टिंग के जरिए पूंजी बाजार से रकम जुटाना है। DIPAM सचिव के मुताबिक, पहले से जारी हिस्सेदारी बिक्री के सौदों के साथ सरकार दो से तीन बड़ी लिस्टिंग पर भी ध्यान दे रही है।

इन कंपनियों के शेयर बाजार में आने से उनके कारोबार का स्वतंत्र मूल्यांकन हो सकेगा। इसके अलावा कंपनियों के मुनाफे, कामकाज और पूंजी के इस्तेमाल पर बाजार की निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। निवेशकों को भी सरकारी कंपनियों में निवेश के अतिरिक्त विकल्प मिल सकते हैं।

दूसरा पब्लिक InvIT लाने की तैयारी

तीन कंपनियों की लिस्टिंग के अलावा सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में दूसरा पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के कुछ हिस्सों की पहचान की गई है। इन राजमार्गों से भविष्य में होने वाली कमाई के आधार पर निवेशकों के लिए सिक्योरिटीज जारी की जा सकती हैं।

InvIT के जरिए निवेशक बुनियादी ढांचे से जुड़ी संपत्तियों से होने वाली कमाई में हिस्सेदारी हासिल कर सकते हैं। सरकार की योजना मौजूदा राजमार्गों से भविष्य में मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए पूंजी जुटाने में करने की है। इस प्रक्रिया को कैपिटल रीसाइक्लिंग कहा जाता है।

सरकार का पहला पब्लिक InvIT मार्च 2026 में लॉन्च हुआ था, जिसके जरिए करीब 9,200 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। अब दूसरे InvIT को वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान लाने का लक्ष्य रखा गया है।

 

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