सीएम योगी ने वाल्मीकि जयंती पर लिखी पाती, सार्वजनिक अवकाश को बताया महर्षि के प्रति सम्मान का प्रतीक
आदर्श समाज की कल्पना का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्रीराम के चरित्र के माध्यम से ऐसे आदर्श समाज की कल्पना प्रस्तुत की, जिसमें प्रेम, न्याय, समरसता और बंधुत्व को सर्वोच्च स्थान प्राप्त हो। उन्होंने निषादराज और भगवान श्रीराम की मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि सामाजिक पहचान से ऊपर उठकर आत्मीयता, सम्मान और समानता का भाव ही समाज को एकजुट करता है।
उन्होंने कहा कि रामराज्य की परिकल्पना प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण पर आधारित है। महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं आज भी सामाजिक एकता और समानता के लिए प्रासंगिक हैं।
चित्रकूट और बिठूर में वाल्मीकि से जुड़े स्थलों के विकास पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपनाते हुए समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए काम कर रही है। चित्रकूट में महर्षि वाल्मीकि के साधना स्थल के विकास की पहल की गई है, ताकि श्रद्धालु और युवा पीढ़ी उनके जीवन और विचारों से प्रेरणा ले सकें।
इसी तरह बिठूर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम के संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए भी विभिन्न कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा जाना उनकी विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वंचित वर्गों के कल्याण और सम्मान का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं को वास्तविक रूप देने के लिए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने स्वच्छताकर्मियों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, वनटांगिया समाज के गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा देने के साथ मुसहर, कोल, थारू और घुमंतू समुदायों तक आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा, वंचित समाज के पात्र परिवारों को भूमिधरी अधिकार देकर सम्मानजनक जीवन का आधार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
युवाओं से भेदभाव मिटाने की अपील
सीएम योगी ने युवाओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और समाज में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब लोगों के मन से ऊंच-नीच की दीवारें टूटेंगी, तभी समरस समाज का सपना साकार हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं को सामाजिक एकता और मानव कल्याण के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए प्रदेशवासियों को जयंती की शुभकामनाएं दीं।
