आपत्तिजनक रील पर सस्पेंड महिला दरोगा का पलटवार, बोलीं- सेक्स चैट साबित हुई तो दे दूंगी इस्तीफा; ‘वर्दी की गरिमा कभी नहीं गिराई’

mahila_datoga_1787547897753_1787

मेरठ: कथित आपत्तिजनक रील वायरल होने के बाद निलंबित की गईं महिला दरोगा अनु कॉलिस ने यूट्यूब लाइव के जरिए अपना पक्ष रखा। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कभी वर्दी की गरिमा नहीं गिराई। अनु ने उस व्यक्ति पर भी गंभीर आरोप लगाए, जिसने सबसे पहले उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने केवल व्यूज पाने के लिए उनकी 25 साल की मेहनत और छवि को नुकसान पहुंचाया।

अनु कॉलिस ने कहा कि उनके बारे में यह दावा किया गया कि वह सेक्स चैट करती हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यूट्यूब पर सेक्स चैट की जा सकती है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति यह साबित कर दे कि उन्होंने ऐसा किया है तो वह लिखकर इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।

‘मैं कई दिनों से कमरे में बंद हूं’

महिला दरोगा ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद वह कई दिनों से कमरे में बंद हैं और मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को धमकियां दी जा रही हैं। अनु ने खुद को साइबर अपराध की पीड़ित बताते हुए कहा कि पांच दिनों से वह ठीक से खाना भी नहीं खा पा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आत्महत्या के विचार आ रहे हैं।

वायरल वीडियो और कपड़ों को लेकर दी सफाई

अनु कॉलिस उसी ड्रेस में यूट्यूब लाइव पर आईं, जिसमें उनका कथित वीडियो वायरल हुआ था। उन्होंने कहा कि यह फ्रॉक उन्होंने एक मॉल से खरीदी थी और उनके घर में इस तरह के कपड़े पहनना सामान्य है। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता और भाई को इससे कोई परेशानी नहीं है। अगर किसी को उनके कपड़ों से दिक्कत है तो वह उनका वीडियो न देखे।

उन्होंने उस इन्फ्लुएंसर का नाम लेकर भी सवाल उठाए, जिसने वीडियो को वायरल किया था। अनु ने कहा कि उनकी जिंदगी खराब करने से उसे क्या हासिल हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो वायरल करने वाले के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और उसका चैनल भी चल रहा है।

क्यूआर कोड को लेकर भी बताई वजह

वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे क्यूआर कोड को लेकर अनु कॉलिस ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि वह उनके इंस्टाग्राम खाते का क्यूआर कोड था। उनका कहना है कि वह अपने वीडियो में लोगों से चैनल को सब्सक्राइब करने, फॉलो करने और लाइक करने की अपील करती थीं। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच कराई जानी चाहिए थी।

अनु ने आरोप लगाया कि उनके वीडियो का स्क्रीनशॉट लेकर उन्हें अश्लील वीडियो बनाने वाली महिला के तौर पर पेश किया गया। उन्होंने कहा कि इससे उनके चरित्र को नुकसान पहुंचा और उनकी सामाजिक जिंदगी प्रभावित हुई।

‘वर्दी में कभी गलत वीडियो नहीं बनाया’

महिला दरोगा ने कहा कि उन्होंने कभी वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर ऐसा कोई वीडियो नहीं बनाया, जिससे पुलिस विभाग की छवि या वर्दी की गरिमा प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया से जुड़ी गाइडलाइन की जानकारी है और वह सब इंस्पेक्टर हैं, इसलिए उन्हें अपने पद की जिम्मेदारी का पता है।

अनु कॉलिस ने कहा कि वह खुद को किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार मानती हैं और उनके अनुसार उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। मामले की जांच जारी है।

 

एक नज़र