रूस का युवा लेफ्टिनेंट यूक्रेन को देता रहा सैन्य ठिकानों की खुफिया जानकारी! हमले से पहले बनाया पेट दर्द का बहाना, 300 से ज्यादा सैनिकों की मौत का दावा

2026_10image_11_37_592764342adenairport-ll
मॉस्को: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी सेना के एक युवा लेफ्टिनेंट पर अपनी ही सेना की गोपनीय जानकारी यूक्रेन को देने का गंभीर आरोप लगा है। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 वर्षीय लेव स्तूपनिकोव ने रूसी सेना में अपनी जिम्मेदारी और पहुंच का इस्तेमाल कर यूक्रेनी सैन्य खुफिया विभाग तक संवेदनशील जानकारियां पहुंचाईं। दावा है कि इन सूचनाओं के आधार पर किए गए हमलों में 300 से अधिक रूसी सैनिक मारे गए। हालांकि, सैनिकों की मौत के इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सैन्य गतिविधियों और योजनाओं तक थी पहुंच

रिपोर्ट के अनुसार, लेव स्तूपनिकोव रूसी सेना में ऐसी भूमिका निभा रहा था, जिसमें उसे सैन्य टुकड़ियों की आवाजाही, योजनाओं और निगरानी व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती थीं। उसे टोही ड्रोन और निगरानी कैमरों से मिलने वाले आंकड़ों तक भी पहुंच हासिल थी। उसका काम सैन्य कमांडरों और उनकी टुकड़ियों के बीच संपर्क बनाए रखने में सहायता करना था।

आरोप है कि स्तूपनिकोव ने इसी पहुंच का फायदा उठाकर रूसी सेना की संवेदनशील जानकारी यूक्रेनी सैन्य खुफिया विभाग तक पहुंचाई। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सूचनाओं से यूक्रेन को रूसी सैनिकों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने में मदद मिली।

हमले से पहले पेट दर्द का बहाना बनाने का आरोप

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में एक हमले का जिक्र भी किया गया है, जिसके दौरान स्तूपनिकोव कथित तौर पर पेट दर्द का बहाना बनाकर अपने साथियों से अलग हो गया था। इसके कुछ समय बाद यूक्रेनी सेना ने हमला किया, जिसमें बड़ी संख्या में रूसी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है।

आरोप है कि स्तूपनिकोव को हमले की जानकारी थी और वह खुद को संभावित खतरे से बचाने के लिए घटनास्थल से दूर चला गया था। इस घटनाक्रम के बारे में सामने आई जानकारी युद्ध के दौरान सैन्य सूचनाओं की सुरक्षा और सैनिकों के बीच भरोसे को लेकर सवाल खड़े करती है।

रूस छोड़कर यूक्रेन पहुंचने का दावा

रिपोर्ट के मुताबिक, स्तूपनिकोव बाद में रूस छोड़कर यूक्रेन पहुंच गया और वहां यूक्रेनी सेना में शामिल हो गया। बताया गया है कि इसके बाद वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार के खिलाफ लड़ने लगा। इस तरह जिस सेना का वह पहले हिस्सा था, उसी के विरुद्ध युद्ध में शामिल होने का दावा किया गया है।

पत्नी ने भी लगाए धोखा देने के आरोप

रिपोर्ट में स्तूपनिकोव के निजी जीवन का भी जिक्र है। इसके मुताबिक, उसकी पत्नी ने उस पर सरकार और अपने परिवार को धोखा देने का आरोप लगाया है। हालांकि, इस पूरे मामले में सामने आए आरोपों, हमलों में मारे गए सैनिकों की संख्या और घटनाओं के सभी विवरणों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्यों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

 

एक नज़र