योगी कैबिनेट के 22 बड़े फैसले: पौने दो लाख कर्मचारियों को कैशलेस इलाज, ग्रेटर नोएडा में बनेगा रोबोटिक्स पार्क
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन फैसलों में प्रदेश के करीब पौने दो लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने, प्रयागराज में उच्च न्यायालय के अधिकारियों के लिए 845 आवास बनाने और मैनपुरी में सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए मुफ्त जमीन उपलब्ध कराने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा में प्रगति रोबोटिक्स पार्क बनाने और जलयानों के पंजीकरण के लिए नियमावली लागू करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।
बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने विभिन्न फैसलों की जानकारी दी।
उच्च न्यायालय के अधिकारियों के लिए बनेंगे 845 आवास
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रयागराज में उच्च न्यायालय के क्लास-वन और क्लास-टू अधिकारियों के लिए 845 आवास बनाए जाएंगे। इन आवासों का निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर कराया जाएगा। परियोजना पर करीब 543 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
पौने दो लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज
कैबिनेट ने प्रदेश के करीब पौने दो लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इस फैसले से पात्र कर्मचारियों और शिक्षकों को उपचार के खर्च के लिए आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
मैनपुरी में सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए मुफ्त जमीन
योगी सरकार मैनपुरी में सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए निशुल्क जमीन उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा सहकारिता विभाग से जुड़े दो प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है। इनके तहत झांसी में 30 हजार मीट्रिक टन और ललितपुर में 38 हजार मीट्रिक टन क्षमता बढ़ाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
ग्रेटर नोएडा में बनेगा प्रगति रोबोटिक्स पार्क
कैबिनेट ने ग्रेटर नोएडा में प्रगति रोबोटिक्स पार्क के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए सरकार एक रुपये की लीज पर जमीन उपलब्ध कराएगी। यह प्रस्ताव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की ओर से पेश किया गया था।
इसके साथ ही उत्तर प्रदेश साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस की जिम्मेदारी तीन साल के लिए आईआईटी कानपुर को सौंपने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। इस अवधि में संचालन और रखरखाव पर करीब 104 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
कंपनियों के मर्जर और डी-मर्जर के पंजीकरण की व्यवस्था
स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि कंपनियों के विलय यानी मर्जर और विभाजन यानी डी-मर्जर के पंजीकरण के लिए पंजीयन विभाग में नई व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत कंपनी के शेयर मूल्य पर 0.50 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क देने का प्रावधान होगा।
उन्होंने बताया कि अभी तक इस तरह का पंजीकरण कंपनी सेक्रेटरी के स्तर पर होता था। स्पष्ट नीति नहीं होने के कारण विलय या विभाजन के दौरान कंपनी की पूरी वैल्यू पर कर लगने की स्थिति बनती थी। प्रस्ताव को विधानसभा से पारित कराकर भारत सरकार को भेजा जाएगा।
नाव और स्टीमर के पंजीकरण के लिए नियमावली मंजूर
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली को मंजूरी दे दी है। इसके तहत प्रदेश में नाव, स्टीमर और अन्य जलयानों के संचालन एवं पंजीकरण के नियम निर्धारित किए जाएंगे।
नावों को यांत्रिक और गैर-यांत्रिक श्रेणियों में बांटकर उनका पंजीकरण किया जाएगा। इसके लिए शुल्क भी तय किया गया है। गैर-यांत्रिक नाव के पंजीकरण के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। नियमावली में यात्रियों और नाविकों का बीमा कराने का प्रावधान भी शामिल है। पांच और दस यात्रियों की क्षमता वाली नावों के लिए अलग-अलग शुल्क व्यवस्था होगी।
पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए स्टेट लाइवस्टॉक मिशन
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक पशुधन वाला राज्य है, लेकिन कम उत्पादन और बाजार व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से स्टेट लाइवस्टॉक मिशन का गठन किया गया है।
मिशन के तहत दूध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं की नस्ल सुधारने और बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। कृत्रिम गर्भाधान के जरिए गायों की उत्पादकता बढ़ाने की योजना है। सरकार गरीब परिवारों को मुर्गियों के 100 चूजे मुफ्त उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा गायों के बीमा में प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार देगी, जबकि शेष 15 प्रतिशत किसान को देना होगा। पशुपालन से जुड़ी योजनाओं में गाय पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने की बात भी कही गई।
योगी कैबिनेट के इन फैसलों में कर्मचारियों के स्वास्थ्य, न्यायिक अधिकारियों के आवास, शिक्षा, पशुपालन, जल परिवहन और तकनीकी विकास से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
