एक साथ सक्रिय हुए 5 चक्रवाती सिस्टम, यूपी से बंगाल तक भारी बारिश का अलर्ट; कई राज्यों में तेज हवाओं और भूस्खलन की चेतावनी
नई दिल्ली: देशभर में मॉनसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार एक साथ सक्रिय हुए पांच मौसमी सिस्टमों के प्रभाव से आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में तेज से बहुत तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पहाड़ी राज्यों में भारी वर्षा के चलते भूस्खलन का खतरा भी जताया गया है।
देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बारिश की रफ्तार धीमी पड़ी थी, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि अब सक्रिय हुए मौसमी तंत्र के कारण पूर्वी, पूर्वोत्तर और उत्तर भारत में एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू हो सकता है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी, जबकि 20 जुलाई के बाद पूरे प्रदेश में मॉनसून और अधिक सक्रिय होने की संभावना जताई गई है।
20 से अधिक राज्यों में तेज बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार दो से तीन दिन के अंतराल के बाद देश के कम से कम 20 राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इसके साथ ही कई इलाकों में वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। वर्तमान में मध्य पाकिस्तान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक ट्रफ रेखा फैली हुई है और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो चुका है। इन सभी मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से व्यापक स्तर पर वर्षा होने की संभावना है।
दिल्ली में बारिश के साथ तेज आंधी का अलर्ट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14 जुलाई से मौसम बदलने के संकेत हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यकता न होने पर घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में 20 जुलाई तक कई जिलों में बारिश
उत्तर प्रदेश में 14 से 20 जुलाई के बीच कई जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मेरठ, नोएडा, मथुरा, कानपुर, प्रयागराज, रायबरेली, वाराणसी, मिर्जापुर, गोंडा, अयोध्या, कुशीनगर, गाजीपुर, देवरिया, बांदा, भदोही, श्रावस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 20 जुलाई के बाद प्रदेश में मॉनसून और अधिक सक्रिय हो सकता है।
बिहार और झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी
बिहार के पटना, सिवान, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, मधुबनी, पूर्णिया, दरभंगा, किशनगंज, सुपौल और कटिहार में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं झारखंड में 14 से 16 जुलाई के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। हजारीबाग, बोकारो, रांची, पलामू, गिरिडीह, खूंटी, गुमला, साहेबगंज, सरायकेला और लोहरदगा में भारी वर्षा के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में मूसलाधार बारिश के आसार
बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर पश्चिम बंगाल में भी देखने को मिल सकता है। तटीय क्षेत्रों सहित जलपाईगुड़ी, मालदा, मुर्शिदाबाद, बांकुड़ा, अलीपुरद्वार, दार्जिलिंग और कोलकाता में तेज से बहुत तेज बारिश की संभावना है। इन इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अनुमान है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा बढ़ा
उत्तराखंड के चमोली, बागेश्वर, देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी, हरिद्वार और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली, मंडी, शिमला, चंबा, सिरमौर और बिलासपुर में भी तेज बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं जम्मू-कश्मीर के पुंछ, कठुआ, जम्मू, रियासी, उधमसिंहनगर, कुपवाड़ा, अनंतनाग, गांदरबल, बडगाम और राजौरी में भारी वर्षा के साथ भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
पंजाब और हरियाणा में भी बदलेगा मौसम
अगले 24 से 48 घंटों के दौरान पंजाब और हरियाणा में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पंजाब के बरनाला, बठिंडा, गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला और संगरूर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं हरियाणा में बादल छाए रहने और दिल्ली से सटे क्षेत्रों में छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई गई है।
