Nepal-Bangladesh Border Alert: सीमा पर कैसे खड़े हो गए आलीशान भवन? बिहार पुलिस खंगालेगी कुंडली, आयकर विभाग भी करेगा पूछताछ

INDIA_NEPAL_BORDER_1770088198534

नेपाल और बांग्लादेश सीमा से सटे इलाकों में अचानक उगे बड़े-बड़े भवन अब जांच के दायरे में आ गए हैं। अगर किसी ने सीमा क्षेत्र में अपार्टमेंट, कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स या आलीशान निजी मकान खड़े किए हैं तो अब उन्हें यह बताना होगा कि निर्माण के लिए पैसा कहां से आया और आय का स्रोत क्या है। इन भवनों की जांच सिर्फ पुलिस ही नहीं, आयकर विभाग भी करेगा। पुलिस मुख्यालय ने नेपाल और बांग्लादेश सीमा से लगे 11 जिलों के पुलिस कप्तानों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं।

डीजीपी की बैठक में बड़ा फैसला, सीमावर्ती जिलों में होगी पहचान
पुलिस मुख्यालय में डीजीपी विनय कुमार की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। कटिहार, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, मधुबनी, बगहा, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण समेत सीमावर्ती जिलों के एसपी को निर्देश दिया गया है कि वे बड़े भवन निर्माणकर्ताओं को चिह्नित करें। इसके साथ ही आयकर विभाग से समन्वय स्थापित कर आय के स्रोत की गहन जांच सुनिश्चित करने को कहा गया है।

सीमा जिलों में सालाना सर्वे की तैयारी
नेपाल और बांग्लादेश सीमा से सटे सभी जिलों में साल में एक बार सर्वे कराने की भी तैयारी की जा रही है। मुख्यालय की बैठक में सर्वे ऑफ इंडिया जैसी केंद्रीय एजेंसी से सर्वे कराने पर सहमति बनी है। संबंधित पदाधिकारियों को एजेंसी से संपर्क स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य सीमा क्षेत्र में हो रहे संदिग्ध निर्माण और गतिविधियों पर पैनी नजर रखना है।

तस्करी पर सख्ती, SSB के साथ मिलकर होगी कार्रवाई
बैठक में नशीले पदार्थ, कीमती धातु और मानव तस्करी पर सख्ती से रोक लगाने का भी निर्णय लिया गया। इसके लिए जिलों की पुलिस सशस्त्र सीमा बल के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगी। सीमावर्ती इलाकों में तस्करी से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है।

गांव-गांव तक पहुंचेगी पुलिस, जनप्रतिनिधियों से संवाद
राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस गांव के स्तर पर भी सक्रिय होगी। नेपाल सीमा से लगे जिलों में पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों से पुलिस अधिकारी संवाद करेंगे। मुखिया, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधियों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों, तस्करी और अवैध गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी। संदिग्ध लोगों की पहचान में पुलिस जनप्रतिनिधियों की मदद लेगी और ग्रामीणों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना जाएगा।

चीनी नागरिकों को लेकर खुफिया अलर्ट
खुफिया विभाग की रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि चीनी नागरिक पहले नेपाली नागरिकता लेकर, खुद को नेपाली बताकर भारत में प्रवेश की कोशिश कर सकते हैं। इसे रोकने के लिए नेपाल सीमा पर तैनात वरीय पुलिस अधिकारी और सशस्त्र सीमा बल नेपाल के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर सख्त कदम उठाएंगे। मानव तस्करी पर रोक के लिए जिलों में नोडल पदाधिकारी नियुक्त करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।

संदिग्धों पर कड़ी नजर, CCTV बढ़ाने के निर्देश
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या तस्करी से जुड़ा शख्स हिरासत में लिया जाता है तो उससे गहन पूछताछ की जाए। पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की सख्ती से जांच होगी। सीमा क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही नेपाल में हाल की घटनाओं के बाद जेल से फरार कैदियों और संदिग्ध नागरिकों पर भी कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है। सभी जिलों के एसपी को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।

 

एक नज़र