जिम्बाब्वे में इलाज से ज्यादा अंतिम संस्कार की चिंता, 90% आबादी के पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं; फ्यूनरल बीमा बना पहली पसंद

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नई दिल्ली। अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे से एक चौंकाने वाली सामाजिक तस्वीर सामने आई है, जहां लोग बीमारी के इलाज से ज्यादा अपनी मौत के बाद होने वाले खर्चों को लेकर चिंतित हैं। हालात ऐसे हैं कि स्वास्थ्य बीमा की तुलना में अंतिम संस्कार बीमा कराने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, जिम्बाब्वे की करीब 90 प्रतिशत आबादी के पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है और उन्हें इलाज का पूरा खर्च अपनी जेब से उठाना पड़ता है।

16 मिलियन आबादी में स्वास्थ्य बीमा से दूर लोग
रिपोर्ट के अनुसार जिम्बाब्वे की कुल आबादी करीब 16 मिलियन है, जिसमें से लगभग 90 प्रतिशत लोग स्वास्थ्य बीमा के दायरे से बाहर हैं। महंगी और सीमित चिकित्सा सुविधाओं के चलते आम नागरिक इलाज को प्राथमिकता देने की स्थिति में नहीं हैं।

72 प्रतिशत लोगों ने कराया अंतिम संस्कार बीमा
वित्तीय समावेशन से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि बीमा कराने वालों में करीब 72 प्रतिशत लोगों के पास अंतिम संस्कार बीमा पॉलिसी है, जबकि केवल 30 प्रतिशत लोग ही हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़े हैं। जिम्बाब्वे में एक अंतिम संस्कार पर 3,000 डॉलर तक का खर्च आ सकता है, जो कमजोर अर्थव्यवस्था में आम परिवारों के लिए बड़ा बोझ साबित होता है।

इलाज से ज्यादा मौत की तैयारी को प्राथमिकता
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक लाखों जिम्बाब्वेवासी स्वास्थ्य बीमा के बजाय अंतिम संस्कार बीमा को ज्यादा सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। यह स्थिति देश में सस्ती और सुलभ चिकित्सा सेवाओं की कमी को उजागर करती है। आर्थिक संकट और बढ़ते इलाज खर्चों के बीच अंतिम संस्कार बीमा लोगों के लिए वित्तीय सुरक्षा का प्रमुख जरिया बनता जा रहा है।

गरिमापूर्ण जीवन से ज्यादा सम्मानजनक मृत्यु की चिंता
जिम्बाब्वे में बदलती सामाजिक सोच के तहत लोग जीवन बचाने से ज्यादा सम्मानजनक मृत्यु को प्राथमिकता दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सरकार के लिए गंभीर चुनौती है कि वह नागरिकों को यह भरोसा कैसे दिलाए कि गरिमापूर्ण जीवन और समय पर इलाज, सम्मानजनक मृत्यु से कहीं अधिक जरूरी है।

अंतिम संस्कार को माना जाता है अपरिहार्य जिम्मेदारी
अंतिम संस्कार सेवाएं देने वाली कंपनी डोव्स होल्डिंग्स ग्रुप के जनसंपर्क प्रबंधक इनोसेंट त्शुमा के मुताबिक, अंतिम संस्कार एक तत्काल और अपरिहार्य घटना है, जिससे सामाजिक और वित्तीय अपेक्षाएं जुड़ी होती हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवाओं में ऊंची लागत, बहिष्करण और अप्रत्याशित खर्चों के कारण लोगों की पहुंच सीमित है। ऐसे में अंतिम संस्कार बीमा लागत और सेवाओं में निश्चितता देता है, जो कम आय वाले परिवारों के लिए इसे आकर्षक बनाता है।

बीमारी पर चर्चा वर्जित, मौत की योजना स्वीकार्य
कुछ जिम्बाब्वेवासियों का कहना है कि बीमारी और चिकित्सा संकट पर चर्चा करना सामाजिक रूप से असहज माना जाता है, जबकि मृत्यु की योजना बनाना सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य और जरूरी समझा जाता है। यही वजह है कि लोग पहले अंतिम संस्कार बीमा को तरजीह देते हैं।

सरकार ला सकती है राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना
जिम्बाब्वे सरकार ने स्वास्थ्य कवरेज की कमी को स्वीकार किया है और इस वर्ष के अंत तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने की तैयारी में है। हालांकि तब तक लाखों नागरिकों के सामने यह कठिन विकल्प बना हुआ है कि वे सस्ता अंतिम संस्कार बीमा चुनें या बिना पर्याप्त सुरक्षा के महंगे इलाज का जोखिम उठाएं।

 

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