नीचे दौड़ेंगी गाड़ियां, ऊपर से गुजरेंगे जंगली जानवर! जंगल के बीच NHAI बना रहा देश का सबसे एडवांस हाईवे कॉरिडोर

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देश में तेज़ी से फैलते हाईवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क के बीच अब विकास को पर्यावरण से जोड़ने की दिशा में भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे पर बनने जा रहा एक विशेष वाइल्डलाइफ ओवरपास इसी सोच का उदाहरण है। इस अनोखी संरचना के जरिए हाईवे पर वाहन निर्बाध रूप से चलेंगे, जबकि ऊपर से जंगली जानवर बिना किसी खतरे के सड़क पार कर सकेंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने महिमांडलम रिजर्व फॉरेस्ट के भीतर इस खास पुल के निर्माण की जानकारी दी है, जिसका उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।

क्या होता है वाइल्डलाइफ ओवरपास और क्यों है जरूरी?
वाइल्डलाइफ ओवरपास एक विशेष रूप से डिजाइन किया गया पुल होता है, जो व्यस्त सड़कों और हाईवे के ऊपर बनाया जाता है। इसका इस्तेमाल जंगली जानवर सड़क पार करने के लिए करते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आती है। वेल्लोर और रानीपेट के बीच स्थित महिमांडलम रिजर्व फॉरेस्ट भारतीय गौर, पैंथर, जंगली सूअर और हिरण जैसी कई अहम प्रजातियों का प्राकृतिक आवास है। ऐसे में इस क्षेत्र में ओवरपास का निर्माण वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

90 मीटर लंबा और 25 मीटर चौड़ा होगा यह खास पुल
NHAI के मुताबिक प्रस्तावित वाइल्डलाइफ ओवरपास की लंबाई 90 मीटर और चौड़ाई 25 मीटर होगी। यह सड़क से लगभग 5.5 मीटर की ऊंचाई पर बनाया जाएगा। पुल का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि जानवरों को यह प्राकृतिक रास्ते जैसा महसूस हो और वे बिना भय के इसका उपयोग कर सकें। इससे न सिर्फ वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे, बल्कि हाईवे पर सफर करने वालों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

ओवरपास पर तैयार होगा आर्टिफिशियल घास का मैदान
इस संरचना को पूरी तरह नेचुरल लुक देने के लिए तमिलनाडु वन विभाग के सहयोग से ओवरपास पर आर्टिफिशियल घास का मैदान भी विकसित किया जाएगा। यह घास का क्षेत्र प्राकृतिक कैमोफ्लाज की तरह काम करेगा, जिससे पुल आसपास के जंगल में सहज रूप से घुल-मिल जाएगा और जानवरों को किसी तरह का असहज एहसास नहीं होगा। गौरतलब है कि करीब 258 किलोमीटर लंबा चार-लेन चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे देश के सबसे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल है, जिसकी आधारशिला मई 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी।

 

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