Valentine Day पर गोल्ड-सिल्वर मार्केट धड़ाम: 24 कैरेट सोना फिसला, चांदी में भी बड़ी गिरावट — जानिए 14 फरवरी का ताज़ा रेट
सर्राफा बाजार में इन दिनों सोने और चांदी की कीमतें तेज उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रही हैं। शुक्रवार, 13 फरवरी को बाजार में हल्की रिकवरी दर्ज हुई थी, जब Multi Commodity Exchange पर अप्रैल वायदा सोना 305 रुपये चढ़कर 1,56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
14 फरवरी को 24 कैरेट सोने का ताज़ा भाव
वैलेंटाइन डे के दिन बाजार खुलते ही यह तेजी टिक नहीं सकी और कीमतों में फिर गिरावट देखने को मिली। फिलहाल 24 कैरेट शुद्ध सोने का औसत भाव 1,55,920 से 1,56,150 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच चल रहा है, जबकि चांदी करीब 2.80 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रही है। इससे पहले शुक्रवार को चांदी के मार्च वायदा में 3.62% यानी 8,564 रुपये की तेज उछाल दर्ज की गई थी और भाव 2,44,999 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था।
गिरावट के पीछे क्या हैं बड़े कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा गिरावट को बाजार की “हेल्दी करेक्शन” माना जा रहा है क्योंकि कीमतें हाल ही में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुकी थीं। 29 जनवरी 2026 को सोना लगभग 1.81 लाख और चांदी करीब 4.20 लाख रुपये के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गई थी, जिसके बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली शुरू कर दी।
वैश्विक मोर्चे पर भी दबाव बना है। Donald Trump प्रशासन की नई व्यापार नीतियों को लेकर अनिश्चितता घटने और United States-Iran तनाव में कमी से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग कमजोर हुई है। साथ ही डॉलर इंडेक्स 97 के पार मजबूत बना हुआ है और Federal Reserve की ओर से ब्याज दरों में कटौती के संकेत न मिलने से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है।
चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव क्यों
विश्लेषकों के अनुसार चांदी की कीमतें सोने की तुलना में अधिक अस्थिर हैं क्योंकि इसका उपयोग निवेश के साथ-साथ औद्योगिक सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर होता है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन और सेमीकंडक्टर उद्योग में मांग घटने-बढ़ने का असर सीधे कीमतों पर पड़ता है। हालिया गिरावट के बाद चांदी अपने पीक स्तर से करीब 40% नीचे आ चुकी है। पिछले साल जहां इस धातु ने लगभग 170% रिटर्न दिया था, वहीं अब बड़े संस्थागत निवेशक मुनाफा निकाल रहे हैं।
घरेलू फैक्टर और बजट का असर
भारत में बजट 2026 के बाद आयात शुल्क और अन्य स्थानीय कारकों ने एमसीएक्स दरों को प्रभावित किया है। शादी-ब्याह का सीजन होने के बावजूद रिकॉर्ड ऊंचे दामों ने फिजिकल डिमांड घटा दी है। ज्वेलर्स के अनुसार ग्राहक फिलहाल खरीदारी टाल रहे हैं और कीमतों में और गिरावट का इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक भू-राजनीतिक हालात पूरी तरह स्थिर नहीं होते और डॉलर कमजोर नहीं पड़ता, तब तक सोना-चांदी में इसी तरह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
