UP Weather Alert: यूपी में बढ़ी गर्मी की मार, दिन के साथ रातें भी हुईं बेहाल; 24 जून तक हीटवेव का खतरा

Heatwave_1782090212063_178209021

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के साथ ही गर्मी और उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम का मिजाज ऐसा है कि अब सिर्फ दिन ही नहीं, रातें भी तपने लगी हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना से इनकार किया है और 24 जून तक हीटवेव जैसी परिस्थितियां बने रहने की चेतावनी दी है।

पछुआ हवाओं ने बढ़ाई तपिश

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में हवा का रुख पुरवा से बदलकर पछुआ हो गया है। इसके चलते वातावरण में नमी तेजी से कम हुई है और गर्मी का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। मंगलवार तक आसमान साफ और मौसम शुष्क बने रहने का अनुमान है। पछुआ हवाओं के प्रभाव के कारण अगले एक सप्ताह तक बारिश की संभावना बेहद कम नजर आ रही है।

मानसूनी गतिविधियां कमजोर, बारिश पर असर

बंगाल की खाड़ी में मानसूनी गतिविधियों के कमजोर पड़ने का असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सामान्य से कम बारिश होने के कारण तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया, जबकि हवा में नमी की मात्रा भी काफी घट गई। इससे धूप की तीव्रता और गर्म हवाओं का असर बढ़ गया।

सीजन की सबसे गर्म रात ने बढ़ाई परेशानी

प्रदेश में दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी चिंता बढ़ाने लगा है। शनिवार की रात इस सीजन की सबसे गर्म रात रिकॉर्ड की गई। न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों को रातभर गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। पंखे और कूलर भी राहत देने में नाकाम साबित हुए।

24 जून तक हीटवेव के आसार

रविवार को कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली, लेकिन इससे गर्मी में कोई खास राहत नहीं मिली। मौसम विभाग का कहना है कि 24 जून तक प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे में लोगों को धूप में निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है।

रात की गर्मी से बढ़ सकता है स्वास्थ्य जोखिम

विशेषज्ञों का कहना है कि रात का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बने रहना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। इससे हृदय, किडनी और फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। वहीं लगातार गर्म रातों के कारण नींद प्रभावित होने से मानसिक स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ सकता है। बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती महिलाएं इस स्थिति में सबसे ज्यादा संवेदनशील मानी जाती हैं।

 

एक नज़र