पंजाब में नौकरी क्रांति का दावा! 68 हजार से ज्यादा युवाओं को मिला रोजगार, भगवंत मान बोले- खत्म हुआ रिश्वत और सिफारिश का दौर

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बठिंडा: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया है कि राज्य में सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता और मेरिट आधारित चयन व्यवस्था लागू होने के बाद युवाओं का भरोसा मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य सरकार ने 68,268 युवाओं को सरकारी नौकरियां देकर नया रिकॉर्ड बनाया है और अब भर्ती प्रक्रिया में रिश्वतखोरी तथा भाई-भतीजावाद के लिए कोई जगह नहीं बची है।

पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में 665 चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की पारदर्शी भर्ती नीति के कारण युवाओं को बिना किसी सिफारिश और भ्रष्टाचार के रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब सरकारी नौकरियां केवल योग्यता और प्रतिभा के आधार पर दी जा रही हैं।

विदेश गए युवा भी लौट रहे पंजाब

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों के दौरान भर्ती प्रक्रियाओं में कथित पक्षपात और भ्रष्टाचार के कारण बड़ी संख्या में युवा विदेशों का रुख करने को मजबूर हुए थे। हालांकि अब हालात बदल रहे हैं और रोजगार के बेहतर अवसर मिलने के कारण विदेशों में रह रहे कई युवा भी वापस पंजाब लौटने लगे हैं।

उन्होंने प्रवासी पंजाबियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी मातृभूमि लौटें और राज्य के विकास में भागीदार बनें। सरकार उन्हें रोजगार और प्रगति के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

महिला कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला

भगवंत मान ने सरकारी कर्मचारियों, विशेषकर महिला कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि परिवीक्षा अवधि पूरी होने के बाद महिला कर्मचारियों की तैनाती उनके घर से 40 किलोमीटर के दायरे में करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे पारिवारिक और पेशेवर जीवन के बीच बेहतर संतुलन बना सकें।

शिक्षा क्षेत्र में सुधारों का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं। सरकारी स्कूलों में स्मार्ट कक्षाओं की शुरुआत, आधारभूत ढांचे का विकास और शिक्षकों के प्रशिक्षण जैसे कदमों का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि इन सुधारों के चलते राज्य स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।

भर्ती प्रक्रिया को नहीं मिली कोई कानूनी चुनौती

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप रही है। यही कारण है कि अब तक की गई नियुक्तियों में किसी भी भर्ती को अदालत में चुनौती नहीं मिली है। उन्होंने इसे सरकार की निष्पक्ष और जवाबदेह कार्यशैली का प्रमाण बताया।

 

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