ताजमहल में जलाभिषेक की मांग पर फिर टली सुनवाई, अब 2 सितंबर को अदालत में होगी सुनवाई

tajmahal

आगरा। ताजमहल को तेजोमहालय शिव मंदिर बताकर सावन में जलाभिषेक की अनुमति देने और सावन के चार सोमवार को हिंदुओं के लिए स्मारक में निशुल्क प्रवेश की मांग को लेकर दाखिल वाद पर बुधवार को सुनवाई हुई। अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन सप्तम रजत शुक्ला की अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 सितंबर की तारीख तय की है।

योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने 23 जुलाई 2024 को अदालत में यह वाद दाखिल किया था। याचिका में मांग की गई है कि सावन के चारों सोमवार को ताजमहल हिंदुओं के लिए निशुल्क खोला जाए और उन्हें स्मारक में जलाभिषेक करने की अनुमति दी जाए। वादी की ओर से तर्क दिया गया है कि शाहजहां के उर्स और ईद के मौके पर जिस तरह ताजमहल में निशुल्क प्रवेश दिया जाता है, उसी तरह सावन के सोमवार को भी हिंदुओं को निशुल्क प्रवेश मिलना चाहिए।

एएसआई और भारत संघ को बनाया गया प्रतिवादी

इस वाद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और भारत संघ को प्रतिवादी बनाया गया है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान विपक्षी सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी की ओर से कोई अधिवक्ता अदालत में उपस्थित नहीं हुआ।

अदालत ने कहा कि मामला पहली बार स्थानांतरित होकर आया है। इसलिए सिविल प्रक्रिया से संबंधित सेक्शन 89-ए के तहत मामले की सुनवाई की जाएगी। विपक्षी अधिवक्ता को सूचना देने के लिए अदालत ने समय दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी।

नकल मांगने पर पहले लगाया जा चुका है जुर्माना

इस मामले में 23 फरवरी 2026 को अदालत सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी पर बार-बार नकल मांगने के मामले में 300 रुपये का जुर्माना लगा चुकी है। अब मामले में सभी पक्षों की दलीलों और दस्तावेजों पर आगे की सुनवाई 2 सितंबर को होगी।

 

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