200 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा मोड़! जैकलीन फर्नांडिस ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली याचिका, अब अपनाएंगी नया कानूनी रास्ता
नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार को अहम घटनाक्रम सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने जैकलीन को उस विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को वापस लेने की अनुमति दे दी, जिसके जरिए उन्होंने पटियाला हाउस कोर्ट की स्पेशल पीएमएलए अदालत द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने की।
जैकलीन फर्नांडिस की ओर से पेश वकील ने अदालत से याचिका वापस लेने और उपलब्ध कानूनी उपायों का सहारा लेने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी। इससे पहले 30 मई 2026 को विशेष पीएमएलए अदालत ने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के कथित जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था।
2021 में शिकायत के बाद शुरू हुई थी जांच
यह पूरा मामला अगस्त 2021 में दर्ज एक शिकायत के बाद सामने आया था। शिकायतकर्ता अदिति सिंह ने आरोप लगाया था कि सुकेश चंद्रशेखर के नेतृत्व में संचालित एक गिरोह ने उनके साथ करीब 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। आरोपों के अनुसार यह गिरोह जेल के भीतर से ही खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को निशाना बनाता था और बड़ी रकम की ठगी करता था।
ईडी की जांच में सामने आए महंगे तोहफों के आरोप
दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज मूल आपराधिक मामले के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर ने कथित अपराध से हासिल रकम का इस्तेमाल कई चर्चित हस्तियों को महंगे तोहफे और अन्य लाभ पहुंचाने में किया।
ईडी के अनुसार जैकलीन फर्नांडिस को भी कथित तौर पर लगभग 5.71 करोड़ रुपये मूल्य के उपहार दिए गए थे। इनमें महंगे हैंडबैग, आभूषण, लग्जरी घड़ियां, परिवार के सदस्यों के लिए वाहन, विदेशी फंड ट्रांसफर और अन्य कीमती वस्तुएं शामिल बताई गई हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने भी नहीं दी थी राहत
इस मामले में 3 जुलाई 2025 को दिल्ली हाई कोर्ट ने ईसीआईआर और अभियोजन शिकायत को रद्द करने की मांग वाली जैकलीन की याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अभिनेत्री को कथित मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों की कितनी जानकारी थी और उनकी मंशा क्या थी, इसका निर्धारण केवल ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर किया जा सकता है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि आरोप तय करने की प्रक्रिया और अभियोजन के दावों की वैधता का परीक्षण मुकदमे की सुनवाई के दौरान होगा। इसके बाद 30 मई 2026 को पटियाला हाउस कोर्ट स्थित विशेष पीएमएलए अदालत ने सुकेश चंद्रशेखर, जैकलीन फर्नांडिस और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश जारी किया था।
