क्रेडिट कार्ड फ्रॉड पर RBI का बड़ा एक्शन! 5 दिन में लौटाने होंगे पैसे, ग्राहकों को मिलेगी तुरंत राहत
मुंबई: डिजिटल भुगतान और क्रेडिट कार्ड के बढ़ते इस्तेमाल के बीच ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने नए नियम जारी करते हुए बैंकों को निर्देश दिया है कि यदि किसी ग्राहक के क्रेडिट कार्ड से फर्जी लेनदेन होता है और वह इसकी शिकायत दर्ज कराता है, तो बैंक को पांच दिनों के भीतर विवादित राशि का अस्थायी क्रेडिट देना होगा। यह नया नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होगा।
क्या है RBI का नया नियम?
नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यदि किसी ग्राहक के क्रेडिट कार्ड से धोखाधड़ी वाला इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन होता है और इसकी सूचना बैंक को दी जाती है, तो बैंक को शिकायत मिलने के पांच दिनों के भीतर उतनी राशि का अस्थायी समायोजन करना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच पूरी होने तक ग्राहक पर विवादित रकम का वित्तीय बोझ न पड़े और उस राशि पर अतिरिक्त ब्याज भी न लगाया जाए।
किन मामलों में मिलेगी जीरो लायबिलिटी?
RBI ने स्पष्ट किया है कि यदि धोखाधड़ी बैंक की लापरवाही, सुरक्षा चूक या सिस्टम की कमी के कारण होती है, तो ग्राहक की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। ऐसे मामलों में पूरी राशि ग्राहक को वापस करनी होगी।
इसके अलावा, यदि किसी तीसरे पक्ष की वजह से धोखाधड़ी होती है और ग्राहक घटना के पांच दिनों के भीतर इसकी सूचना बैंक को दे देता है, तो उसे भी जीरो लायबिलिटी का लाभ मिलेगा। यानी ग्राहक को किसी प्रकार का नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा और पूरी राशि वापस कर दी जाएगी।
हालांकि, यदि शिकायत पांच दिनों की निर्धारित अवधि के बाद दर्ज कराई जाती है, तो ग्राहक की जिम्मेदारी संबंधित बैंक की नीति के अनुसार तय की जाएगी।
500 रुपये से ऊपर हर ट्रांजैक्शन पर मिलेगा अलर्ट
ग्राहकों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए RBI ने बैंकों के लिए एक और महत्वपूर्ण प्रावधान किया है। नए नियमों के तहत 500 रुपये से अधिक के प्रत्येक इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन पर ग्राहकों को तत्काल एसएमएस अलर्ट भेजना अनिवार्य होगा।
500 रुपये या उससे कम राशि के ट्रांजैक्शन के लिए बैंक अपनी आंतरिक नीति के अनुसार अलर्ट भेज सकेंगे, लेकिन इसके लिए ग्राहकों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।
छोटे डिजिटल फ्रॉड पीड़ितों को भी राहत
केंद्रीय बैंक ने छोटे स्तर के डिजिटल धोखाधड़ी मामलों के लिए भी राहत का प्रावधान किया है। यदि किसी ग्राहक को डिजिटल फ्रॉड के कारण 50 हजार रुपये तक का नुकसान होता है और जांच में वह वास्तविक पीड़ित पाया जाता है, तो उसे नुकसान की राशि का 85 प्रतिशत या अधिकतम 25 हजार रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।
हालांकि यह सुविधा ग्राहक को जीवन में केवल एक बार ही उपलब्ध होगी।
बैंकों को मजबूत करने होंगे सुरक्षा सिस्टम
RBI ने सभी बैंकों को ऐसे तकनीकी और सुरक्षा तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग अनुभव मिल सके। साथ ही फ्रॉड की शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
