राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड में बड़ा एक्शन: सभी 8 नामजद आरोपी गिरफ्तार, पूरी रात चली पूछताछ के बाद पुलिस ने कसा शिकंजा
Glimpses of Pran Pratishtha ceremony of Shree Ram Janmaboomi Temple in Ayodhya, Uttar Pradesh on January 22, 2024. PM presents on the occasion.
अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सभी आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार शाम हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूरी रात पूछताछ की गई, जिसके बाद शुक्रवार सुबह उनकी औपचारिक गिरफ्तारी की गई। पुलिस अब सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है।
चढ़ावा गिनती और निगरानी से जुड़े हैं सभी आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रमाकांत उर्फ टिन्नू यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, मनीष यादव और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं। जांच के अनुसार ये सभी लोग मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती, निगरानी और लेखा-जोखा से जुड़े कार्यों में शामिल थे।
जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में छह लोग कैशियर की भूमिका निभा रहे थे, जबकि टिन्नू यादव चढ़ावे की रकम की गिनती की निगरानी करने से लेकर उसे बैंक तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालता था। वहीं सुभाष श्रीवास्तव के अधीन चढ़ावे का हिसाब-किताब रखने का काम किया जाता था।
ट्रस्ट सदस्य की शिकायत पर दर्ज हुई थी एफआईआर
मामले का खुलासा होने के बाद जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपी गई थी। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तेज हुई। राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और बाद में गिरफ्तार कर लिया।
जांच में टिन्नू यादव की भूमिका सबसे ज्यादा संदिग्ध
अब तक की जांच में सामने आया है कि चढ़ावे की रकम में कथित अनियमितताओं का सबसे बड़ा संदेह रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव पर है। बताया जा रहा है कि चढ़ावे की राशि रखने वाले बॉक्सों की चाबियां भी उसके पास रहती थीं। इसके अलावा गिनती के काम में कर्मचारियों की नियुक्ति और अन्य व्यवस्थाओं में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
सूत्रों के अनुसार मंदिर परिसर में कई प्रशासनिक और संचालन संबंधी फैसलों पर भी उसका प्रभाव माना जाता था। इसी वजह से जांच एजेंसियों का फोकस सबसे पहले उसी पर गया और अब उसके वित्तीय लेन-देन तथा संपत्तियों की भी गहन जांच की जा रही है।
ऑटो चालक से करोड़ों की संपत्ति तक का सफर जांच के दायरे में
टिन्नू यादव का मूल नाम रामशंकर यादव बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार उसके पिता चाय बेचते थे और वह स्वयं कभी ऑटो चलाता था। बाद में वह मंदिर प्रबंधन से जुड़ा और धीरे-धीरे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने लगा।
जांच एजेंसियों के अनुसार वर्तमान में अयोध्या और लखनऊ में उसकी बड़ी संपत्तियां हैं। एयरपोर्ट क्षेत्र के पास हॉस्टल, होटल और रेस्टोरेंट कारोबार में हिस्सेदारी समेत कई निवेशों की भी जांच की जा रही है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन संपत्तियों का स्रोत क्या है और क्या इनका संबंध चढ़ावे की रकम से जुड़ी किसी अनियमितता से है।
एसआईटी जांच के बाद सामने आ सकते हैं और बड़े खुलासे
मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, वित्तीय दस्तावेजों तथा पूछताछ के आधार पर आगे और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल सभी आठ आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
