‘देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश’, महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में तीखी बहस, राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरो
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चल रही बहस के दौरान शुक्रवार, 17 नवंबर को राजनीतिक तापमान और बढ़ गया। संसद में लगातार दूसरे दिन जारी चर्चा के बीच विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए और विधेयक के उद्देश्य को लेकर सवाल खड़े किए।
संसद में महिला आरक्षण बिल पर दो दिन से जारी बहस
देश की विधायी संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़े विधेयक पर संसद में पिछले दो दिनों से चर्चा जारी है। विशेष सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार का पक्ष रखा था। इसके बाद दूसरे दिन लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपनी बात रखते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी का बयान, सरकार पर साधा निशाना
अपने संबोधन की शुरुआत में राहुल गांधी ने कहा कि हम सभी ने महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है और उनकी दादी इंदिरा गांधी ने उन्हें डर के खिलाफ लड़ना सिखाया। इसके बाद उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में एक जादूगर की कहानी का उल्लेख किया, जिस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें कई बार रोकने की कोशिश भी की।
‘विधेयक का मकसद महिला सशक्तिकरण नहीं’, राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने सरकार द्वारा पेश किए गए तीन विधेयकों—संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन संशोधन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026—का जिक्र करते हुए कहा कि इनका वास्तविक उद्देश्य महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं बल्कि राजनीतिक ढांचे को प्रभावित करना है। उन्होंने दावा किया कि यह कदम दक्षिणी राज्यों को कमजोर करने की दिशा में उठाया गया है।
राहुल गांधी के सरकार पर लगाए गए प्रमुख आरोप
लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार एससी-एसटी समुदाय के अधिकारों को कमजोर कर रही है और यह विधेयक महिला आरक्षण के उद्देश्य से अलग है। उन्होंने इसे देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश बताया और यह भी कहा कि सरकार संविधान से ऊपर किसी विचारधारा को प्राथमिकता दे रही है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि आदिवासी समुदाय को केवल नाम से हिंदू कहा जाता है, लेकिन उन्हें वास्तविक प्रतिनिधित्व नहीं दिया जाता। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को सत्ता जाने का डर है और दलितों के साथ हुए कथित अन्याय को देश नहीं भूल सकता।
‘यह महिला आरक्षण बिल नहीं, राजनीतिक रणनीति का हिस्सा’
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि यह विधेयक महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ा नहीं है, बल्कि भारत के राजनीतिक और चुनावी ढांचे को बदलने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि महिलाएं देश की सोच और विकास की प्रमुख ताकत हैं, लेकिन इस विधेयक के पीछे की मंशा को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं।
संसद में गरमाई सियासत, बहस जारी
महिला आरक्षण विधेयक पर चल रही इस बहस ने संसद में राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया है। सरकार और विपक्ष दोनों की ओर से तीखे तर्क सामने आ रहे हैं, जबकि इस मुद्दे पर चर्चा अभी भी जारी है।
